सावधान! H3N2 वायरस में उछाल... जानें किन लोगों को हैं सबसे ज्यादा खतरा, संक्रमण होने पर दिखते हैं ये लक्षण

H3N2 Influenza Virus: झारखंड के रांची में 4 साल के बच्चे में एच3एन2 वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है. रिपोर्टों में आया है कि लड़की में खांसी, सर्दी, बुखार और निमोनिया के लक्षण दिखाई दिए. डॉक्टर ने मीडिया को बताया, उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए थे, जहां यह पुष्टि हुई कि उसे वायरल संक्रमण था. देश में एच3एन2 के मामले तेजी से फैल रहे हैं. H3N2 वायरस ने अब तक देश में 9 लोगों की जान ले ली है. वायरल संक्रमण का असर युवा और बुजुर्ग लोगों में समान रूप से देखा जा रहा है. वायरल संक्रमण एक संक्रमित व्यक्ति द्वारा छोड़ी गई सांस की हवा की बूंदों से फैलता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायरल संक्रमण उन लोगों पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है. क्या आप कमजोर समूह में हैं? हालांकि हर कोई वायरस के लिए कमजोर है, ऐसे लोग हैं जो मौसमी फ्लू से संक्रमित होने की स्थिति में ज्यादा खतरे में हैं. जो लोग 65 वर्ष से अधिक आयु के हैं. गर्भवती महिलाओं को इस वायरस से अधिक खतरा है. स्वास्थ्य एजेंसियों ने कहा है कि अस्थमा, मधुमेह, हृदय रोग, कमजोर इम्यूनिटी सिस्टम और न्यूरोलॉजिकल या न्यूरोडेवलपमेंटल स्थितियों जैसी कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में भी एच3एन2 संक्रमण के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं विकसित होने का खतरा है. क्या बच्चे हाई रिस्क ग्रुप में हैं? हां इस वायरस से बच्चों को ज्यादा खतरा हैं. 5 साल से कम आयु के बच्चे H3N2 संक्रमण से ज्यादा खतरे में होते हैं. यूएस सीडीसी बताता है कि बच्चे अधिक खतरे में क्यों हैं. सीडीसी द्वारा किए गए अध्ययनों ने संकेत दिया है कि 2001 के बाद पैदा हुए बच्चों में H3N2v वायरस का खतरा ज्यादा है. वहीं बुजुर्गों में इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होता है, शायद इसलिए वे वायरस के संपर्क में आ सकते हैं.  H3N2 संक्रमण में क्या लक्षण दिखाई देते हैं? H3N2 से संक्रमित लोगों में सामान्य सर्दी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. जैसा कि हाल ही में झारखंड के 4 वर्षीय बच्चे के मामले में देखा गया, बच्चे में खांसी, सर्दी और बुखार के लक्षण देखे गए थे. इसके अलावा निमोनिया के लक्षण, पसीना आना, ठंड लगना, सांस की तकलीफ, सीने में दर्द, थकान और भूख न लगना की भी शिकायत थी. निमोनिया में रोगी को हरी, पीली या खूनी बलगम वाली खांसी हो सकती है. इस वायरल रेस्पिरेटरी इलनेस में उथली सांस और घरघराहट भी देखी जाती है. Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें. यह भी पढ़ें- Colon Cancer: युवाओं में ज्यादा बढ़ रहा है कोलन कैंसर का खतरा, यहां इसके शुरुआती संकेतों को जानें

Mar 21, 2023 - 15:25
Mar 9, 2024 - 16:06
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सावधान! H3N2 वायरस में उछाल... जानें किन लोगों को हैं सबसे ज्यादा खतरा, संक्रमण होने पर दिखते हैं ये लक्षण

H3N2 Influenza Virus: झारखंड के रांची में 4 साल के बच्चे में एच3एन2 वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है. रिपोर्टों में आया है कि लड़की में खांसी, सर्दी, बुखार और निमोनिया के लक्षण दिखाई दिए. डॉक्टर ने मीडिया को बताया, उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए थे, जहां यह पुष्टि हुई कि उसे वायरल संक्रमण था. देश में एच3एन2 के मामले तेजी से फैल रहे हैं. H3N2 वायरस ने अब तक देश में 9 लोगों की जान ले ली है. वायरल संक्रमण का असर युवा और बुजुर्ग लोगों में समान रूप से देखा जा रहा है. वायरल संक्रमण एक संक्रमित व्यक्ति द्वारा छोड़ी गई सांस की हवा की बूंदों से फैलता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायरल संक्रमण उन लोगों पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है.

क्या आप कमजोर समूह में हैं?

हालांकि हर कोई वायरस के लिए कमजोर है, ऐसे लोग हैं जो मौसमी फ्लू से संक्रमित होने की स्थिति में ज्यादा खतरे में हैं. जो लोग 65 वर्ष से अधिक आयु के हैं. गर्भवती महिलाओं को इस वायरस से अधिक खतरा है. स्वास्थ्य एजेंसियों ने कहा है कि अस्थमा, मधुमेह, हृदय रोग, कमजोर इम्यूनिटी सिस्टम और न्यूरोलॉजिकल या न्यूरोडेवलपमेंटल स्थितियों जैसी कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में भी एच3एन2 संक्रमण के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं विकसित होने का खतरा है.

क्या बच्चे हाई रिस्क ग्रुप में हैं?

हां इस वायरस से बच्चों को ज्यादा खतरा हैं. 5 साल से कम आयु के बच्चे H3N2 संक्रमण से ज्यादा खतरे में होते हैं. यूएस सीडीसी बताता है कि बच्चे अधिक खतरे में क्यों हैं. सीडीसी द्वारा किए गए अध्ययनों ने संकेत दिया है कि 2001 के बाद पैदा हुए बच्चों में H3N2v वायरस का खतरा ज्यादा है. वहीं बुजुर्गों में इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होता है, शायद इसलिए वे वायरस के संपर्क में आ सकते हैं. 

H3N2 संक्रमण में क्या लक्षण दिखाई देते हैं?

H3N2 से संक्रमित लोगों में सामान्य सर्दी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. जैसा कि हाल ही में झारखंड के 4 वर्षीय बच्चे के मामले में देखा गया, बच्चे में खांसी, सर्दी और बुखार के लक्षण देखे गए थे. इसके अलावा निमोनिया के लक्षण, पसीना आना, ठंड लगना, सांस की तकलीफ, सीने में दर्द, थकान और भूख न लगना की भी शिकायत थी. निमोनिया में रोगी को हरी, पीली या खूनी बलगम वाली खांसी हो सकती है. इस वायरल रेस्पिरेटरी इलनेस में उथली सांस और घरघराहट भी देखी जाती है.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

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