मसीही सम्मेलन में हंगामा, धर्मांतरण के आरोप पर विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन! पुलिस ने संभाला मोर्चा!
रतलाम के स्टेशन रोड स्थित होटल अजंता पैलेस में आयोजित मसीही सम्मेलन के दौरान धर्मांतरण के आरोप को लेकर विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी के बाद पुलिस ने हॉल का मुख्य द्वार बंद कर स्थिति नियंत्रित की। मामले में पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर जांच कर रही है।
रतलाम@newsmpg। शहर के स्टेशन रोड थाना इलाके में स्थित होटल अजंता पैलेस में बुधवार दोपहर आयोजित मसीही आध्यात्मिक सम्मेलन के दूसरे दिन बाहरी प्रदर्शनकारियों के हंगामे के कारण कार्यक्रम बाधित हो गया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकतार्ओं ने आयोजकों पर हिंदुओं को बुलाकर धर्मातंरण कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने समय रहते नियंत्रण संभाला और हॉल के मुख्य द्वार बंद करकर माहौल शांत करवाया।
यूनाइटेड क्रिश्चियन काउंसिल रतलाम और रतलाम पास्टर्स फैलोशिप के संयुक्त कार्यक्रम में 26-27 मई की तारीखें बताई गई थीं। आयोजक बताते हैं कि सम्मेलन का प्रचार और बैनर केवल मसीही समुदाय के लिए था और उपस्थित लोगों से 50 रुपये का पंजीकरण लिया गया था, रजिस्ट्रेशन पर हस्ताक्षर कर प्रतिभागियों ने स्वयं इसमें शामिल होने की सहमति दी थी। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य आत्मिक उन्नति और आध्यात्मिक प्रवचन थे, मुख्य प्रवचनकर्ता जयपुर के आचार्य विकास और संगीत-आराधना के लिए पीएस विलियम मैसी थे।
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दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस
विहिप व बजरंग दल के नेताओँ का आरोप था कि कार्यक्रम में भारी संख्या में हिंदू परिवार भी शामिल थे और यह आयोजन छिपे रूप में धर्मांतरण का प्रयास है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से आयोजनों को बंद कराने और आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हंगामे के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। मसीही समुदाय के कुछ लोगों ने नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए जबकि प्रदर्शनकारियों ने जय श्री राम के नारे और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
होटल परिसर में जब विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं समर्थकों ने पहुंचकर कार्यक्रम में हिंदुओं की उपस्थिति को लेकर सवाल उठाए, तो कुछ प्रदर्शनकारी हॉल के बाहर जम गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा
हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा। पुलिस ने किसी बड़े दंगे की आशंका को देखते हुए हॉल का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया और आयोजन स्थल पर अतिरिक्त जवान तैनात किए। थाना प्रभारियों ने दोनों पक्षों के शांत रहने और किसी प्रकार की उकसावे वाली गतिविधि न करने की हिदायत दी। रतलाम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज कर लिया जा रहा है और जरूरी कानूनी पहलुओं की जांच की जाएगी। फिलहाल किसी के खिलाफ गिरफ्तारी या आरोप-पत्र दाखिल करने की पुष्टि नहीं हुई है।
जबरदस्ती नही बुलाया
यूसीसीआर जिला सेक्रेटरी बिनोय कुरियाकोस ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य धार्मिक मतांतरण नहीं था और आयोजकों ने सख्ती से कहा कि किसी को जबरदस्ती बुलाया नहीं गया। उन्होंने रजिस्ट्रेशन और आईडी बैज का हवाला देते हुए कहा कि सभी प्रतिभागियों ने स्वेच्छा से हिस्सा लिया है। आयोजक यह भी बताते हैं कि सम्मेलन में रतलाम के स्थानीय लोग ही शामिल थे और उन्होंने किसी भी तरह के धर्म-परिवर्तन की बात को निराधार करार दिया।
विहिप-बजरंग दल का आरोप
विहिप व बजरंग दल के पदाधिकारी राधेश्याम रावल व मुकेश व्यास समेत अन्य कार्यकतार्ओं का कहना था कि कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों को देखा गया, जो आबादी में भ्रम और संभावित धर्मांतरण की आशंका पैदा करता है। उन्होंने पुलिस से आयोजकों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज करने और भविष्य में ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से आयोजन तुरंत बंद कराने की मांग भी की।