एनएमसी निरीक्षण में रतलाम मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की खुली पोल - ड्यूटी समय में लगभग 90 फीसदी डॉक्टर मिले नदारद

नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की चार सदस्यीय टीम निरीक्षण के लिए यहां पहुंची। डॉक्टरों के इंतजार में बैठे दिखाई दिए मरीज, न बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, न गर्मी का इंतजाम,वार्ड में सुरक्षा से सफाई तक कमी

एनएमसी निरीक्षण में रतलाम मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की खुली पोल - ड्यूटी समय में लगभग 90 फीसदी डॉक्टर मिले नदारद
NMC visits in Medical College Ratlam finds a lot of lack in arrangmenet and management


रतलाम@newsmpg।    डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवाल सोमवार को और गहरे हो गए। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की चार सदस्यीय टीम निरीक्षण के लिए यहां पहुंची। कॉलेज की मान्यता नवीनीकरण प्रक्रिया के तहत हुए इस निरीक्षण में अस्पताल की व्यवस्थाओं से लेकर डॉक्टरों की उपस्थिति तक कई गंभीर कमियां सामने आईं।
सूत्रों के अनुसार सुबह करीब 8.15 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंची टीम ने सबसे पहले प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद अस्पताल का निरीक्षण शुरू किया गया। निरीक्षण के दौरान यह देखकर टीम भी हैरान रह गई कि ड्यूटी का निर्धारित समय शुरू होने के बाद भी बड़ी संख्या में डॉक्टर अपने चैंबरों में मौजूद नहीं थे। कई मरीज और उनके परिजन डॉक्टरों के इंतजार में बैठे दिखाई दिए, जबकि अधिकांश कक्ष खाली मिले। आॅनलाइन उपस्थिति प्रणाली की भी जांच की गई। सूत्रों के अनुसार निर्धारित समय तक अधिकांश चिकित्सकों की आॅनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं थी। वहीं कुछ ऐसे डॉक्टर भी पाए गए जिनकी उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन वे अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थे। इससे उपस्थिति निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हुए।

न बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, न गर्मी का इंतजाम

एनएमसी टीम ने अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया। कई स्थानों पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली, जबकि गर्मी के मौसम में भी आवश्यक सुविधाओं का अभाव नजर आया। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि अस्पताल से रेफर किए जाने वाले मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है, जिसे लेकर टीम ने जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान सामने आए प्रमुख बिंदुओं में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, आॅनलाइन अटेंडेंस में अनियमितताएं, मरीज सुविधाओं की कमी, हेल्प डेस्क की निष्क्रियता, सुरक्षा व्यवस्था में कमियां, वार्ड प्रबंधन की खामियां तथा निजी एंबुलेंस संचालन से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।

वार्ड में सुरक्षा से सफाई तक कमी

वार्ड प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा में भी कई खामियां सामने आईं। वार्डों में नियमित चिकित्सकीय राउंड को लेकर सवाल उठे, जबकि हेल्प डेस्क पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। सुरक्षा व्यवस्था के रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में भी अंतर दिखाई दिया। अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंसों की सक्रियता और उनके संचालन को लेकर भी टीम ने जानकारी जुटाई। परिसर में निजी एंबुलेंसों की बड़ी संख्या और उनकी गतिविधियों को लेकर भी निरीक्षण दल ने चिंता जताई। अब सभी की निगाहें एनएमसी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि निरीक्षण में दर्ज टिप्पणियां मेडिकल कॉलेज की मान्यता, भविष्य की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक जवाबदेही को प्रभावित कर सकती हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि निरीक्षण में सामने आई कमियों को किस स्तर पर गंभीरता से लिया जाता है।

नहीं मिली इस तरह की जानकारी

फिलहाल टीम का निरीक्षण चल रहा है। फिलहाल हमें ऐसी जानकारी नहीं मिली है। जब टीम की रिपोर्ट हमें मिलेगी और कमी पाई जाएगी तो कार्रवाई होगी। 
- डॉ अनीता मूथा, डीन, मेडिकल कॉलेज रतलाम