NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन तेज, सैलाना, रतलाम और नामली में रैली के बाद धरना
NEET पेपर लीक मामले में राहुल गांधी की गिरफ्तारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर रतलाम जिले के सैलाना, रतलाम शहर और नामली में कांग्रेस ने रैली निकालकर धरना दिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
राहुल गांधी की गिरफ्तारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
रतलाम। दिल्ली में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद विरोध की लहर अब प्रदेशों और जिलों तक पहुंच गई है। इसी क्रम में रतलाम जिले के सैलाना, रतलाम शहर और नामली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम विरोध प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली और धरने पर बैठ गए।
सैलाना में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर के विभिन्न मार्गों से पैदल रैली निकाली। हाथों में तिरंगा और कांग्रेस के झंडे लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रैली के बाद सभी कार्यकर्ता तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां धरना शुरू किया गया।
धरने में हर्षविजय गेहलोत के साथ सैलाना नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला, लक्की सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, पार्षद, युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन स्थल पर प्रशासन और पुलिस बल भी तैनात रहा तथा पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई।
दो बत्ती और नामली में भी धरना शुरू
इधर रतलाम शहर के दो बत्ती चौराहे पर भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ धरना देकर विरोध दर्ज कराया। वहीं नामली बस स्टैंड पर भी कांग्रेसजनों ने धरना प्रारंभ कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिले के विभिन्न स्थानों पर एक साथ हुए इन प्रदर्शनों को कांग्रेस ने "युवा न्याय" की लड़ाई बताया।
बच्चों के साथ हुए लाठीचार्ज का विरोध
दिल्ली में सोमवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे राहुल गांधी एवं अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने आंदोलन और तेज कर दिया है। पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध को बलपूर्वक रोका गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि सरकार ने छात्रों और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। वहीं प्रशासन ने जिले के प्रदर्शन स्थलों पर एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर बनाए रखी है।