जब अंजान बच्चों की जिंदगी दांव पर थी, एक मां ने बिना झिझक साड़ी उतार बनाई रस्सी; 15 साल का बेटा मौत के पानी में उतरा और बचाईं 3 जानें
रतलाम के जावरा स्थित पैराडाइज वैली में हुए दर्दनाक हादसे के दौरान जब बच्चे डूब रहे थे, तब 15 वर्षीय विशाल भाभर ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में उतरकर तीन बच्चों की जान बचाई। उसकी नर्स मां ने साड़ी को रस्सी बनाकर रेस्क्यू में मदद की। हादसे में दो शिक्षकों और एक विद्यार्थी समेत तीन लोगों की मौत हुई।
रतलाम के पैराडाइज वैली हादसे में गईं तीन जानें, लेकिन मां-बेटे ने दिखाई अदम्य हिम्मत
रतलाम/ जावरा। रविवार को जावरा के एक निजी स्कूल के बच्चों और शिक्षकों के साथ पैराडाइज वैली में हुआ दुखद हादसा सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की नाकामी और इंसानियत की परीक्षा का वो मंजर था, जिसने हर संवेदनशील दिल को झकझोर कर रख दिया। लेकिन इस चीख-पुकार और बदहवासी के बीच अगर एक मां का कलेजा और 15 साल के एक बच्चे का अदम्य साहस आड़े न आता, तो मौतों की यह गिनती आज कहीं ज्यादा दर्दनाक और खौफनाक होती।
तमाशबीन भीड़, 'देवदूत' बना 15 साल का विशाल
जब पानी में मासूम घिसट रहे थे और मौत उन्हें अपनी ओर खींच रही थी, तब वहां मौजूद वयस्क और तमाशबीन अपनी चमड़ी और जान बचाने के लिए पीछे हट रहे थे। कोई वीडियो बनाने में व्यस्त था, तो कोई सिर्फ बदहवास होकर भाग रहा था। उस वक्त तेजा नगर में रहने वाली नर्स अनीता भाभर और उनका 15 वर्षीय बेटा विशाल भाभर, 12 साल की बेटी रौनक भाभर और 10 साल का भांजा दिव्यांश भी मौजूद थे।
डूबते बच्चों की और की तरह इस परिवार ने चीखे अनसुनी नहीं की बल्कि 'बचाओ-बचाओ' की पुकार सुनकर 15 साल के विशाल ने बिना अपनी जान की परवाह किए गहरे पानी की ओर छलांग लगा दी।
लाज से पहले ममता बनी जिंदगी की डोर
किनारे खड़ी मां का नर्स का तजुर्बा और ममता का समंदर एक साथ जाग उठा। जब और बच्चों को पानी में फंसा देखा तो एक टीचर के सुझाने पर बिना एक सेकंड गंवाए, अपनी पहनी हुई साड़ी उतारी और उसे रस्सी बनाकर पानी में फेंक दिया। टीचर और अन्य 1 बच्चे ने किनारे से खींचा और विशाल ने पानी में तैरते हुए और 2 छात्राओं और एक छात्र को पानी से बाहर खींच लिया।
इस तरह साड़ी से बनाई रस्सी
एक घंटे तक नहीं पहुंची मदद
विशाल ने तत्काल 112, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को फोन कर सूचना दी, लेकिन काफी देर तक कोई राहत दल मौके पर नहीं पहुंचा। इस बीच अन्य स्थानीय लोग भी मदद के लिए पहुंच गए। लोगों ने पानी में उतरकर गोते लगाए और डूब रहे बच्चों को बाहर निकाला। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी स्थानीय लोगों ने पूरी तत्परता दिखाई। कुछ बच्चों को ऑटो से अस्पताल ले जाया गया। मीडियाकर्मी दिलजीत सिंह मान और नवीन टांक भी अपनी बाइक से दो बच्चों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
पानी ने ली थी 3 ज़िंदगियाँ
कल हुए इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। पुलिस के अनुसार मृतकों में जावरा निवासी 52 वर्षीय विजय सिंह, जावरा निवासी 28 वर्षीय प्रिंस पिता करण और 15 वर्षीय हर्षित पाटीदार शामिल हैं। ये 2 शिक्षक और एक विद्यार्थी जावरा के स्कूल से यहां पिकनिक मनाने आए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Vishal Bhabhar
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