ताजिया जुलूस में कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा? तीन युवकों की मौत, कई झुलसे... जानिए पूरी घटना की Inside Story

रतलाम जिले के पिपलोदा थाना क्षेत्र के हतनारा गांव में मोहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकराने से दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग करंट की चपेट में आकर घायल हो गए। शुक्रवार को तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए और गांव में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। प्रशासन ने लाइनमैन को निलंबित कर दो बिजली कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर दिया है। पूरे मामले की जांच जारी है।

ताजिया जुलूस में कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा? तीन युवकों की मौत, कई झुलसे... जानिए पूरी घटना की Inside Story
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रतलाम @newsmpg।  जिले के पिपलोदा थाना क्षेत्र के हतनारा गांव में गुरुवार रात मोहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद शुक्रवार को पूरे गांव में मातम पसरा रहा। शुक्रवार दोपहर तक तीनों मृत युवकों का पोस्टमार्टम पूरा कर उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए। जैसे ही एम्बुलेंस शव लेकर गांव पहुंची, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। नम आंखों से तीनों युवकों को अंतिम विदाई दी गई और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे गांव में शोक की लहर रही और लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले।

यह दर्दनाक हादसा गुरुवार रात उस समय हुआ, जब मोहर्रम के अवसर पर हतनारा गांव में ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जुलूस में करीब 100 से 200 लोग शामिल थे। ताजिया पूरे गांव से होकर गुजर रहा था। इसी दौरान गांव में ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में ताजिया आ गया। ताजिया के बिजली लाइन से संपर्क में आते ही तेज करंट पूरे जुलूस में फैल गया। सबसे आगे चल रहे कई लोग करंट की चपेट में आकर सड़क पर गिर पड़े। कुछ ही क्षणों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों की चीख-पुकार गूंजने लगी और जो जहां था, वहीं से घायलों को बचाने दौड़ पड़ा। 

तीन की मौके पर ही हुई मौत

रतलाम मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात डॉ. रविंद्र सोलंकी ने बताया कि हादसे के बाद करीब पांच से छह लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें तीन लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी और उन्हें मृत अवस्था में मेडिकल कॉलेज लाया गया था। हादसे में रशीद खान, सड्डू उर्फ सड्डू हुसैन और अरबाज खान की मौत हो गई। शुरूआत में प्रशासन ने दो मौतों की पुष्टि की थी, क्योंकि अरबाज के परिजन उन्हें अस्पताल से अपने साथ गांव ले गए थे और औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। हालांकि बाद में ड्यूटी डॉक्टर द्वारा तीन मौतों की पुष्टि किए जाने के बाद प्रशासन ने भी तीनों युवकों की मौत की पुष्टि कर दी। शुक्रवार को तीनों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

15 से ज्यादा को लगा करंट

हादसे में 15 से अधिक लोग करंट की चपेट में आए। घायलों में अनास पिता अकरम (16 वर्ष), मोइन शाह पिता इश्क शाह (35 वर्ष), रहीम खान, अख्तियार खान, इरफान, शाहरुख, शकील, रईस, मोहम्मद और वहीद शामिल हैं। वहीं इब्राहिम पिता हनीफ का उपचार रतलाम जिला अस्पताल में किया जा रहा है। कई घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पांच घायलों की हालत गंभीर बताई गई थी, हालांकि शुक्रवार तक अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति में सुधार होने की जानकारी सामने आई। 

3 की एक साथ विदाई, गांव में छाया मातम

शुक्रवार को तीनों युवकों के जनाजे में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। हर आंख नम थी और हर चेहरा गम में डूबा नजर आ रहा था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने नम आंखों से रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान को अंतिम विदाई दी। हादसे ने पूरे हतनारा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं प्रशासनिक अमला लगातार गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हादसे की हर पहलू से जांच की जा रही है।

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बिजली लाइन काफी नीचे थी

घटना के प्रत्यक्षदर्शी इमामुद्दीन मंसूरी ने बताया कि मोहर्रम के अवसर पर गांव में ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था, जिसमें करीब 100 से 200 लोग शामिल थे। कुछ दूरी आगे बढ़ने पर ताजिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। उनका कहना है कि बिजली की लाइन सामान्य से काफी नीचे थी। जैसे ही ताजिया लाइन के संपर्क में आया, तेज करंट फैल गया और सबसे आगे चल रहे कई लोग जमीन पर गिर पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के समय मौके पर न तो पुलिस मौजूद थी और न ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी या लाइनमैन तैनात था। यदि पहले से बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती या सुरक्षा व्यवस्था रहती तो इतना बड़ा हादसा टल सकता था।

हादसे का वीडियो भी आया सामने

घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में करंट लगने के बाद जुलूस में अफरा-तफरी का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। लोग चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं, जबकि कई लोग सड़क पर गिरे हुए दिखाई देते हैं। आसपास मौजूद ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते और निजी वाहनों व एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाते नजर आते हैं। कुछ ही मिनटों में पूरे गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी।

कलेक्टर ने लिया घायलों का हालचाल

शुक्रवार सुबह कलेक्टर मिशा सिंह और शहर एसडीएम तरुण जैन रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने हादसे में घायल लोगों का हालचाल जाना तथा डॉक्टरों से उपचार की जानकारी ली। चिकित्सकों ने अधिकारियों को बताया कि अस्पताल में भर्ती घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है और सभी का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। अधिकारियों ने बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

लाइनमैन निलंबित, दो कर्मियों की सेवा समाप्त

हादसे के बाद बिजली विभाग ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए हतनारा में पदस्थ लाइनमैन घनश्याम गिर (पिता भगवान गिर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जावरा निर्धारित किया गया है। वहीं मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री ने बिजली श्रमिक समरथ मकवाना और गोबीलाल को भी कार्य में लापरवाही के आरोप में सेवा से पृथक करने के आदेश जारी किए हैं।

पूरे मामले की जांच शुरू

एसपी अमित कुमार ने सूचना मिलते ही विभाग को तत्काल रैस्क्यू और मदद के साथ जांच शुरु करने का आदेश दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ताजिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से हादसा हुआ। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी और वीडियो खंगाल रही है कि ताकि पता लगे कि बिजली लाइन की ऊंचाई सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं तथा जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

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