दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक ही सुबह दो बड़े हादसे, बिहार के परिवार की 14 वर्षीय बच्ची की मौत, दूसरे में ट्रेवलर पलटी; 10 से ज्यादा लोग घायल
रतलाम में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर रविवार सुबह दो बड़े सड़क हादसे हुए। धामनोद टोल के पास कार खाई में गिरने से 14 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि पलसोड़ी के पास ट्रेवलर पलटने से कई लोग घायल हुए।
रतलाम @newsmpg। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर रविवार सुबह कुछ घंटों के भीतर हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रतलाम जिले में हुए इन दोनों हादसों में एक 14 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता और दो भाई घायल हो गए।
वहीं दूसरे हादसे में मथुरा-वृंदावन से लौट रही ट्रेवलर पलटने से चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और अन्य यात्री चोटिल हुए। दोनों घटनाओं में 10 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
धामनोद टोल के पास खाई में गिरी कार, 14 वर्षीय बेटी की मौत
पहला और सबसे दर्दनाक हादसा रविवार सुबह रतलाम जिले के धामनोद टोल नाके के पास हुआ। बिहार के गोपालगंज निवासी विक्की कुमार अपनी पत्नी रानी देवी, बेटी दीपा कुमारी (14), बेटे प्रीतम (5) और पीयूष (7) के साथ कार से गुजरात के सूरत लौट रहे थे।
परिवार बिहार में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहा था। विक्की कुमार के अनुसार शनिवार रात उन्होंने धामनोद टोल के पास सड़क किनारे वाहन रोककर आराम किया था। रविवार सुबह करीब 4:30 बजे यात्रा दोबारा शुरू की। करीब 20 से 25 मिनट बाद एक ट्रक ओवरटेक करते हुए निकला। वाहन को बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
पिता ने तोड़ दिया कार का गेट
हादसे के बाद विक्की कुमार ने किसी तरह क्षतिग्रस्त कार का गेट तोड़कर परिवार को बाहर निकाला। सबसे पहले उन्होंने अपनी बेटी दीपा को बाहर निकाला, लेकिन उसके सिर में गंभीर चोट लगी थी। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रावटी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्रेन की मदद से कार को खाई से बाहर निकाला। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
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पलसोड़ी के पास ट्रेवलर पलटी, चालक का पैर फ्रैक्चर
दूसरा हादसा रविवार सुबह करीब 5 बजे पलसोड़ी क्षेत्र के पास हुआ। गुजरात के सूरत निवासी एक परिवार मथुरा-वृंदावन दर्शन कर ट्रेवलर वाहन से घर लौट रहा था। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे खंभों से टकराया और पलट गया।
हादसे में चालक शैलेष भाई सोलंकी (42) का पैर फ्रैक्चर हो गया। उन्हें रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वाहन में सवार कृष्णाबेन, जयाबेन, आशीष, मयूर और प्रगजीभाई को भी चोटें आईं, हालांकि उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।
टायर फटा या सामने आया कुत्ता?
हादसे को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। चालक का कहना है कि वाहन के सामने अचानक एक कुत्ता आ गया था, जिससे संतुलन बिगड़ गया। वहीं एक्सप्रेस-वे कर्मचारियों का दावा है कि ट्रेवलर का टायर फटने के बाद वाहन अनियंत्रित होकर पलटा।
घायलों को एक्सप्रेस-वे एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। उपचार के बाद अधिकांश यात्री दूसरे वाहन से सूरत रवाना हो गए।
एक ही सुबह दो हादसे, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कुछ ही दूरी और समय के अंतराल में हुए इन दो हादसों ने सड़क सुरक्षा, लंबी दूरी की यात्रा और वाहन चालकों की सतर्कता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। शुरुआती जांच में दोनों मामलों में वाहन नियंत्रण खोना प्रमुख कारण के रूप में सामने आया है।
पुलिस और संबंधित एजेंसियां दोनों दुर्घटनाओं की अलग-अलग जांच कर रही हैं।