ताले में बंद कुलदेवी, देवता ताले से आये बाहर! महाशिवरात्रि पर बस कुछ मिनट खुलता है "रियासतकाल का रहस्य”

महाशिवरात्रि पर रतलाम के चौमुखा महादेव मंदिर में सालभर ताले में बंद कुलदेवी अंबा देवी सहित 18 प्राचीन मूर्तियों को निकालकर विधिवत अभिषेक व पूजा की गई।

ताले में बंद कुलदेवी, देवता ताले से आये बाहर! महाशिवरात्रि पर बस कुछ मिनट खुलता है "रियासतकाल का रहस्य”
सालभर ताले में बंद कुलदेवी अंबा देवी सहित 18 प्राचीन मूर्तियों को निकालकर विधिवत अभिषेक व पूजा की गई।

रतलाम@newsmpg। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रतलाम में कुछ ऐसा हुआ जिसका भक्त सारे वर्ष इंतजार करते हैं। लोहे की पुरानी अलमारी में ताले के अंदर कैद रहने वाले 18 देवी देवताओं को कुछ देर के लिए बाहर निकाला गया। पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ इनका पूजन करवाया और फिर इन्हें दोबारा अलमारी में रख दिया गया। 

ऐसा शिवरात्रि की शाम रतलाम शहर में हुआ। शाम 5:45 बजे तहसीलदार प्राची गायकवाड द्वारा राठौर राजवंश की कुलदेवी, जगत जननी आदिशक्ति श्री अंबा देवी सहित रियासतकाल में रतलाम राजपरिवार द्वारा नित्य संध्या पूजा की जाने वाली लगभग 18 प्राचीन मूर्तियों को श्री चौमुखा महादेव मंदिर, रतलाम के गर्भगृह में स्थित लोहे की पूरानी आलमारी का ताला खोलकर विधिवत बाहर निकाला गया। ज्ञात हो कि यह मूर्तियां वर्ष भर जिला प्रशासन के अधीन आलमारी में कैद रहती है,केवल महाशिवरात्रि के दिन ही इन्हें आलमारी से निकाला जाता है, और कुछ समय बाद वापस ताले में कैद कर दिया जाता है ।

चौमुखा महादेव में हैं अलमारी

गर्भगृह से निर्वासित बाहर एक संकरे गलियारे में विराजमान श्री चौमुखा महादेव के समीप स्थापित चौकी पर समस्त मूर्तियों का अभिषेक एवं पूजन पंडित श्री त्रिभुवन जी पंड्या (पंचेड़) द्वारा विधि-विधानपूर्वक संपन्न कराया गया।

ये रहे मौजूद

इस पावन अवसर पर अमलेठा राजपरिवार के व शैलेन्द्र सिंह राठौर, सनातन महासभा के अध्यक्ष अनिल झालानी, आम्बा राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य गुरु गोबिंद सिंह राठौर, कवि ब्रजराज ब्रज, नौगांवा महाराज राजपरिवार के सदस्य लोकेन्द्र सिंह राठौर, इतिहासकार नरेन्द्र सिंह पंवार, फिल्म निर्माता-निर्देशक राजेंद्र सिंह राठौर,  शैलेन्द्र सिंह सोलंकी,  नरेन्द्र श्रेष्ठ आदि उपस्थित रहे।