ड्रग, जमीन, डर और सिस्टम की घुसपैठ: दिलावर खान से डीआईजी निमिष अग्रवाल की मैराथन पूछताछ

रतलाम के चिकलाना गांव में उजागर हुई एमडी ड्रग फैक्ट्री मामले में आरोपी दिलावर खान से डीआईजी स्तर पर पूछताछ जारी है। जांच में फर्जी पुलिस और आर्मी आईडी, जमीनों का जखीरा, सूदखोरी, हथियार और इंटरस्टेट-इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क के संकेत मिले हैं। रतलाम पुलिस पूरे संगठित अपराध सिंडिकेट की परतें खोलने में जुटी है।

ड्रग, जमीन, डर और सिस्टम की घुसपैठ: दिलावर खान से डीआईजी निमिष अग्रवाल की मैराथन पूछताछ
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रतलाम, Crime Desk @Newsmpg
एमडी ड्रग फैक्टी चलाने के साथ हथियार, राष्ट्रीय सुरक्षा, जमीन का जखीरा, पठानी ब्याज पर सूदखोरी समेत पूरे इलाके दहशत बनाकर शरीफों का लबादा पहने दिलावर खान से रतलाम डीआईजी पूछताछ कर रहे हैं। सोमवार दोपहर को यह पूछताछ रतलाम में ही की जा रही है। बताया जा रहा है कि पूछताछ में डीआईजी निमिष अग्रवाल के साथ ही अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद हैं।

इसके पहले रविवार रात को एसपी अमित कुमार भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चिकलाना पंहुचे थे। वहां उन्होंने गांव के आम लोगों और आस पड़ोसियों से चर्चा करके लोकल इनपुट्स लिए थे। साथ ही बताया था कि इस परिवार द्वारा जमीनों की हेरफेर, कब्जा, ब्याज पर रूपए देकर बड़ी रकम एंठने और रंगदारी के और भी जितने मामलों में लोग आगे आएंगे उनके लिए शिविर लगाकर सुनवाई की जाएगी। इस परिवार के अलावा आसपास के अन्य अपराधियों और गुर्गो के खिलाफ भी इनपुट इकट्ठा किया जाएगा।

पुलिस, मिलिट्री और संदिग्ध नेटवर्क 

इसके बाद सोमवार को दिलावर खान को रतलाम लाया गया है। यहां फिलहाल उससे उच्च स्तर पर पूछताछ चल रही है। ड्रग फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद से हर रोज जांच में नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एमडी ड्रग बनाने के लिए केमिकल्स की खरीदी से लेकर उसी मकान में परिवार की महिलाओं की मदद से निर्माण, फिर ट्रांसपोर्ट के तार न केवल देशभर में बल्कि इंटरनेशनल लेवल तक फैले होने की आशंका जताई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के कान उस वक्त और खड़े हो गए, जब जांच के दौरान मौके से एक पूर्व सब-इंस्पेक्टर का पुलिस आईडी कार्ड और वर्दी बरामद हुई। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय राइफल्स से जुड़ा एक फर्जी पहचान पत्र भी यहां से मिला है, जिसने इस केस को साधारण ड्रग फैक्ट्री से आगे राष्ट्रीय सुरक्षा के एंगल तक पहुंचा दिया है।

कब से चल रही थी फैक्ट्री 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिकलाना गांव में जिस मकान में यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह किसी सामान्य घर जैसा नहीं बल्कि पूरी तरह सुनियोजित ढांचे के साथ तैयार किया गया था। चार अलग-अलग एंट्री और एग्जिट पॉइंट, हर दिशा में लगे सीसीटीवी कैमरे और अंदर खड़ी लग्जरी गाड़ियां इस बात का संकेत दे रही थीं कि यह नेटवर्क लंबे समय से और पूरी तैयारी के साथ चल रहा था। 

बेटी केमिकल्स में एक्सपर्ट, बीबी बेटी से छोटी 

जांच में सामने आया है कि दिलावर खान की बेटी बखमीना केमिस्ट्री की छात्रा रही है और पुलिस का मानना है कि एमडी ड्रग के फॉर्मूले और निर्माण प्रक्रिया में उसकी अहम भूमिका रही है। जिस तरह से केमिकल्स, उपकरण और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित किया गया था, उससे यह साफ होता है कि यह फैक्ट्री अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से संचालित हो रही थी। दिलावर की दूसरी बीबी भी है जिसकी उम्र मात्र 25 साल है। यह भी जांच का विषय है कि यह निजी मसला है, या जानबू­ा कर नेटवर्क को मजबूत करने के लिए यह निकाह किया गया था। 

मोस्ट वांटेड आरोपी ने की पुलिस को भगाने की कोशिश 

रेड के दौरान एक और गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि कार्रवाई के वक्त दिलावर खान के दामाद ने पुलिस को पहले 50 लाख और फिर 1 करोड़ रुपये तक देने का ऑफर देकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने किसी भी तरह के दबाव या प्रलोभन को नकारते हुए कार्रवाई जारी रखी। दिलावर का दामाद याकूब भी कोई आम इंसान नहीं, बल्कि गुजरात का मोस्ट वांटेड आरोपी है। यह फरार चल रहा था, लेकिन कई वक्त से अपने ससुराल में रहता था। 

सैकड़ों जमीन के कागज, करोड़ों ब्याज वसूली 

इस केस में जमीनों का जाल भी तेजी से सामने आ रहा है। पुलिस को मकान से 300 से अधिक जमीनों की रजिस्ट्रियां और अनुबंध पत्र मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिपलौदा और आसपास के क्षेत्रों में दिलावर खान का करीब 1000 बीघा जमीन पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कब्जा बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह जमीनें ब्याज पर पैसा देकर, दबाव और डर के माहौल में हासिल की गईं।