डीआईजी पंहुचे चिकलाना, आरोपी दिलावर के मकान का किया मुआयना

चिकलाना एमडी ड्रग फैक्ट्री मामले में पुलिस का शिकंजा और कसा। डीआईजी निमिष अग्रवाल ने आरोपी दिलावर खान के मकान का निरीक्षण किया। परिवार की बेटियों और बहन की आपराधिक भूमिका सामने आई, वहीं कालूखेड़ा शिविर में 24 घंटे में 12 शिकायतें दर्ज हुईं। जमीन कब्जा, धमकी और सूदखोरी के गंभीर आरोप।

डीआईजी पंहुचे चिकलाना, आरोपी दिलावर के मकान का किया मुआयना
DIG Ratlam Nimish Agrawal went to investigate Chiklana MD Drug Factory
  • परिवार की 'बेटियों' के खिलाफ फिर मिले सुराग

  •  कालूखेड़ा में मंगलवार को लगे शिविर में परिवार के खिलाफ फिर मिली 4 शिकायतें

रतलाम@Crime Desk।  चिकलाना ड्रग फैक्ट्री मामले में पुलिस का शिकंजा और कंसता जा रहा है। मंगलवार दोपहर को डीआईजी निमिष अग्रवाल चिकलाना पहुंचे। यहां उन्होंने आरोपी दिलावर खान के घर का मुआयना किया। उन्होंने ग्राम सरपंच और कुछ ग्रामीणों से भेंट की और सभी से अपील की कि इस परिवार या इस तरह के अन्य आरोपियों से पीड़ित लोग पुलिस के पास आएं।
इसके पहले डीआईजी श्री अग्रवाल मंगलवार दोपहर को अचानक चिकलाना पंहुचे। उसके साथ जावरा सीएसपी युवराज सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। डीआईजी ने मकान का निरीक्षण किया और इस दौरान बरामद जमीन के कागजातों का भी टीम को पूरा अध्य्यन करने के निर्देश दिए। करीब आधे घंटे रुकने के बाद डीआईजी वहां से रवाना हो गए। इसके बाद कालूखेड़ा में सीएसपी द्वारा शिविर आयोजित कर जनसुनवाई के साथ ही पीड़ितों की विशेष सुनवाई भी की गई। 

4 नए मामले फिर आए, 24 घंटे में 12

मुख्य सरगना दिलावर खान और उसके परिवार के खिलाफ कालूखेड़ा पुलिस ने सोमवार रात को ही 3 नई एफआईआर दर्ज की थी। सोमवार को पुलिस द्वारा गांव में लगाए गए जनसंवाद कैंप में कुल 8 शिकायतें मिली थीं, जिनमें से जांच के बाद तीन मामलों में तत्काल कायमी की गई है। इसमें दिलावर के साथ ही उसकी बहन मुमताज बी और भांजों पर भी मारपीट, जमीन हड़पने, जबरन कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज हुए थे। इसके बाद मंगलवार को आयोजित शिविर में जावरा सीएसपी श्री सिंह के पास भी 4 आवेदन इसी तरह के आए। इनमें भी पीड़ितों ने उनकी जमीन पर परिवार द्वारा कब्जा करने, धमकाने, धौंस देने और ब्याज वसूली की शिकायत की है। 

बेटी, भांजी पढ़ाई का करती थीं इस्तेमाल

इस मामले में हैरानी करने वाली बात है कि परिवार की महिलाओं की भूमिका भी अपराधों में खुलकर सामने आ रही है। दिलावर की बेटी बकमीना को पुलिस ने फैक्ट्री संचालन में भूमिका पर पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद आरोपी दिलावर के भांजे पूर्व उपसरपंच हसन खां पठान की बेटी इंशा को सोमवार देर रात हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार हिरासत में ली गई इंशा का एमडी सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में बड़ा हाथ है। बकमीना ने जहां केमेस्ट्री में पोस्ट ग्रुजेएशन किया है, वहीं इंशा ने केमिस्ट्री, जूलॉजी से ग्रेजुएशन किया है। दोनों ड्रग्स बनाने के लिए अपनी पढ़ाई का उपयोग कर रही थीं। दिलावर की दोनों पत्नियों की संदिग्ध भूमिका पर भी जांच हो रही है।

बहन, भांजे पर भी प्रकरण दर्ज, दामाद मोस्ट वांडेट 

इसके साथ ही ग्रामीणों की शिकायत से साफ हुआ है कि दिलावर की बहन भी रंगदारी और जमीनों पर अवैध कब्जा करती थी। बहन मुमताज बी, भांजे इमरान और रईस खान पर एफआईआर हुई है। आरोपियों ने पैतृक मकान व जमीन पर डरा-धमकाकर कब्जा कर लिया और रुपए की मांग की। न देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके पहले ही पुलिस ने उसके दामाद याकूब की संलिप्तता ट्रेस की थी। याकूब राजस्थान और गुजरात में अफीम, डोडा चूका और शराब तस्करी से जुड़ा रहा। राजस्थान में फरार इनामी और गुजरात में मोस्ट वांडेट में एक है। 

कई बोरे भरकर मिले थे जमीनों के दस्तावेज

पुलिस ने 15 जनवरी की रात दिलावर के घर छापा मारकर करीब 10 करोड़ की 10 किलो 930 ग्राम एमडी ड्रग और हथियार जब्त किए थे। तलाशी में दिलावर के घर से जमीनों की 200 से 300 रजिस्ट्रियां और एग्रीमेंट मिले थे, जो इतने ज्यादा थे कि तीन बोरे भर गए। दिलावर ब्याज पर रुपए देकर लोगों की जमीनें हड़प लेता था। मामले में दिलावर, उसकी बेटी, दामाद और बेटे समेत 11 आरोपी 22 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि पत्नियां और बहू जेल में हैं। 
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