Fighter Jet Power: राफेल से कितना खतरनाक KF-21? एशिया के इन देशों ने खरीदने के लिए लगाई लाइन, पढ़ें पावर कंपैरिजन
दक्षिण कोरिया ने अपना पहला स्वदेशी 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट KF-21 बोरामे पेश कर दिया है. इस फाइटर जेट को Korea Aerospace Industries (KAI) ने 25 मार्च 2026 को देश के दक्षिणी ग्योंगसांग प्रांत के सचियोन स्थित अपनी प्रोडक्शन फैसिलिटी में आधिकारिक तौर पर दिखाया. The War Zone की रिपोर्ट्स के मुताबिक KF-21 एक ऐसा फाइटर जेट है, जो हवा में दुश्मन के विमान से लड़ सकता है और जमीन पर भी हमला कर सकता है. इस फाइटर जेट को बनाने का मुख्य कारण पुराने जेट जैसे F-4 और F-5 को बदलना है. इसके अलावा दक्षिण कोरिया चाहता है कि वह अपनी खुद की मजबूत एयरफोर्स बनाए और दूसरे देशों, खासकर अमेरिका पर कम निर्भर रहे. KF-21 एक 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट है. इसका मतलब यह है कि यह पांचवीं पीढ़ी के जेट जैसे F-35 Lightning II से थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी काफी आधुनिक और ताकतवर है. इसमें कुछ हद तक छिपकर उड़ने की क्षमता भी दी गई है. KF-21 जेट की खूबी KF-21 जेट की अधिकतम रफ्तार लगभग मैक 1.8 यानी करीब 2200 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिससे यह बहुत तेज उड़ान भर सकता है. इसमें AESA रडार लगाया गया है, जो बहुत दूर से ही दुश्मन के विमान को पकड़ सकता है और ट्रैक कर सकता है. इससे लड़ाई में बढ़त मिलती है. हथियारों की बात करें तो यह हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल और हवा से जमीन पर हमला करने वाले हथियार दोनों ले जा सकता है. आगे चलकर इसमें अंदरूनी हथियार रखने की भी योजना है, जिससे इसकी स्टील्थ क्षमता और बढ़ेगी. KF-21 में दो इंजन लगे हैं, जिससे इसे ज्यादा ताकत मिलती है और सुरक्षा भी बढ़ती है. अगर एक इंजन में दिक्कत आए तो दूसरा काम करता रहता है. राफेल की खूबी राफेल में बहुत ही एडवांस मिसाइल सिस्टम लगे हैं. इसमें Meteor जैसी मिसाइल हैं, जो 150 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक दुश्मन के विमान को मार सकती है. इसके अलावा स्कैल्प मिसाइल भी इसमें लगी है, जो करीब 300 किलोमीटर दूर तक जमीन पर सटीक हमला कर सकती है. MICA मिसाइल नजदीकी और मध्यम दूरी की लड़ाई में काम आती है. इसमें AESA रडार लगा है, जिसे RBE2-AA radar कहा जाता है. यह रडार बहुत दूर से दुश्मन को पहचान सकता है और एक साथ कई टारगेट पर नजर रख सकता है. राफेल में स्पेक्ट्रा सिस्टम नाम का खास सिस्टम भी है, जो इसे दुश्मन के रडार और मिसाइल से बचाता है. यह पायलट को पहले ही खतरे की चेतावनी दे देता है और जेट को छिपाने में भी मदद करता है. इसकी स्पीड लगभग मैक 1.8 यानी करीब 2200 किलोमीटर प्रति घंटा है. इसमें दो इंजन लगे होते हैं, जिससे इसे ज्यादा ताकत मिलती है और यह ज्यादा सुरक्षित भी रहता है. KF-21 फाइटर जेट कई देशों की नजर दक्षिण कोरिया का दावा है कि KF-21 का प्रदर्शन राफेल और यूरोफाइटर टाइफून से बेहतर है. दक्षिण कोरिया अपने फाइटर जेट का उत्पादन तेजी से बढ़ा रहा है. इस प्रोग्राम की शुरुआत दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया ने मिलकर की थी, जिसमें इंडोनेशिया की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. हालांकि आर्थिक समस्याओं के कारण उसकी हिस्सेदारी कम हो गई है, लेकिन वह अब भी इसमें दिलचस्पी रखता है और पहला खरीदार बन सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, फिलीपींस और पोलैंड जैसे कई देश भी इस फाइटर जेट में रुचि दिखा रहे हैं. ये भी पढ़ें: Iran-US War: 'अमेरिका को ईरान ने दिया एक और गिफ्ट, आ रहे 20 तेल के टैंकर', ट्रंप का फिर चौंकाने वाला दावा
दक्षिण कोरिया ने अपना पहला स्वदेशी 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट KF-21 बोरामे पेश कर दिया है. इस फाइटर जेट को Korea Aerospace Industries (KAI) ने 25 मार्च 2026 को देश के दक्षिणी ग्योंगसांग प्रांत के सचियोन स्थित अपनी प्रोडक्शन फैसिलिटी में आधिकारिक तौर पर दिखाया.
The War Zone की रिपोर्ट्स के मुताबिक KF-21 एक ऐसा फाइटर जेट है, जो हवा में दुश्मन के विमान से लड़ सकता है और जमीन पर भी हमला कर सकता है. इस फाइटर जेट को बनाने का मुख्य कारण पुराने जेट जैसे F-4 और F-5 को बदलना है. इसके अलावा दक्षिण कोरिया चाहता है कि वह अपनी खुद की मजबूत एयरफोर्स बनाए और दूसरे देशों, खासकर अमेरिका पर कम निर्भर रहे. KF-21 एक 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट है. इसका मतलब यह है कि यह पांचवीं पीढ़ी के जेट जैसे F-35 Lightning II से थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी काफी आधुनिक और ताकतवर है. इसमें कुछ हद तक छिपकर उड़ने की क्षमता भी दी गई है.
KF-21 जेट की खूबी
KF-21 जेट की अधिकतम रफ्तार लगभग मैक 1.8 यानी करीब 2200 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिससे यह बहुत तेज उड़ान भर सकता है. इसमें AESA रडार लगाया गया है, जो बहुत दूर से ही दुश्मन के विमान को पकड़ सकता है और ट्रैक कर सकता है. इससे लड़ाई में बढ़त मिलती है. हथियारों की बात करें तो यह हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल और हवा से जमीन पर हमला करने वाले हथियार दोनों ले जा सकता है. आगे चलकर इसमें अंदरूनी हथियार रखने की भी योजना है, जिससे इसकी स्टील्थ क्षमता और बढ़ेगी. KF-21 में दो इंजन लगे हैं, जिससे इसे ज्यादा ताकत मिलती है और सुरक्षा भी बढ़ती है. अगर एक इंजन में दिक्कत आए तो दूसरा काम करता रहता है.
राफेल की खूबी
राफेल में बहुत ही एडवांस मिसाइल सिस्टम लगे हैं. इसमें Meteor जैसी मिसाइल हैं, जो 150 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक दुश्मन के विमान को मार सकती है. इसके अलावा स्कैल्प मिसाइल भी इसमें लगी है, जो करीब 300 किलोमीटर दूर तक जमीन पर सटीक हमला कर सकती है. MICA मिसाइल नजदीकी और मध्यम दूरी की लड़ाई में काम आती है. इसमें AESA रडार लगा है, जिसे RBE2-AA radar कहा जाता है. यह रडार बहुत दूर से दुश्मन को पहचान सकता है और एक साथ कई टारगेट पर नजर रख सकता है. राफेल में स्पेक्ट्रा सिस्टम नाम का खास सिस्टम भी है, जो इसे दुश्मन के रडार और मिसाइल से बचाता है. यह पायलट को पहले ही खतरे की चेतावनी दे देता है और जेट को छिपाने में भी मदद करता है. इसकी स्पीड लगभग मैक 1.8 यानी करीब 2200 किलोमीटर प्रति घंटा है. इसमें दो इंजन लगे होते हैं, जिससे इसे ज्यादा ताकत मिलती है और यह ज्यादा सुरक्षित भी रहता है.
KF-21 फाइटर जेट कई देशों की नजर
दक्षिण कोरिया का दावा है कि KF-21 का प्रदर्शन राफेल और यूरोफाइटर टाइफून से बेहतर है. दक्षिण कोरिया अपने फाइटर जेट का उत्पादन तेजी से बढ़ा रहा है. इस प्रोग्राम की शुरुआत दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया ने मिलकर की थी, जिसमें इंडोनेशिया की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. हालांकि आर्थिक समस्याओं के कारण उसकी हिस्सेदारी कम हो गई है, लेकिन वह अब भी इसमें दिलचस्पी रखता है और पहला खरीदार बन सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, फिलीपींस और पोलैंड जैसे कई देश भी इस फाइटर जेट में रुचि दिखा रहे हैं.
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