नामली में 21 घंटे बाद थमा संग्राम: प्रशासन के लिखित आश्वासन पर हटा शव, ग्रामीणों की चेतावनी- '12 दिन में न्याय नहीं मिला तो हाईवे पर होगा बारहवां'
रतलाम के नामली में फोरलेन हादसे के बाद पिछले 21 घंटे से जारी तनाव शनिवार दोपहर 1 बजे समाप्त हुआ।भारी जन-आक्रोश और हाईवे पर ही अंतिम संस्कार की तैयारी को देखते हुए प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया है। लिखित समझौते के बाद चक्काजाम हटा और गमगीन माहौल में मुकेश कुमावत का अंतिम संस्कार स्टेशन रोड मुक्तिधाम में संपन्न हुआ।
नामली (रतलाम) | महू-नीमच फोरलेन पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद उपजा जन-आक्रोश शनिवार दोपहर को प्रशासन के लिखित भरोसे के बाद शांत हुआ। करीब 21 घंटे तक चले इस तनावपूर्ण घटनाक्रम में नामली पूरी तरह बंद रहा और ग्रामीणों ने हाईवे पर ही शव रखकर चक्काजाम कर दिया था।
भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में लंबी खींचतान के बाद दोपहर 1 बजे धरना समाप्त हुआ। लिखित समझौते के बाद चक्काजाम हटा और गमगीन माहौल में मुकेश कुमावत का अंतिम संस्कार स्टेशन रोड मुक्तिधाम में संपन्न हुआ।
हादसे ने लिया उग्र रूप, चिता सजाने की हुई तैयारी
गुरुवार रात 'पुलिस' लिखी एक तेज रफ्तार ग्रैंड विटारा कार की टक्कर से घायल मुकेश कुमावत की इंदौर में मौत के बाद शनिवार सुबह नामली का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण इस कदर आक्रोशित थे कि उन्होंने सड़क किनारे ही अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां और सामग्री इकट्ठा कर ली थी। स्थिति को बिगड़ते देख एसडीएम, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और एमपीआरडीसी के सीएमडी अमित भूरिया भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे।
12 मौतों का 'डेथ जोन' बना पलदुना फंटा
ग्रामीणों ने प्रशासन को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि पलदुना फंटे पर निर्माण कंपनी की लापरवाही से अब तक 12 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर सुधार नहीं होता। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को 'पुलिस' लिखी गाड़ियों की गुंडागर्दी और तेज रफ्तार पर भी कड़े सवाल किए।
प्रशासन ने मानी तीन प्रमुख मांगें
दो घंटे चली तीखी बहस के बाद एमपीआरडीसी और जिला प्रशासन ने लिखित में आश्वासन दिया:
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मुआवजा: मृतक के परिवार को विधिवत कार्यवाही कर उचित आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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ब्लैक स्पॉट सुधार: स्थानीय लोगों की एक समिति बनाकर सड़क की खामियों का सर्वे होगा और तुरंत सुधार किया जाएगा।
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रोजगार: पीड़ित परिवार के योग्य सदस्य को योग्यतानुसार टोल कंपनी में नौकरी दी जाएगी।
12 दिन का अल्टीमेटम: हाईवे पर होगा 'बारहवां'
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बंटी डाबी, तूफानसिंह सोनगरा और अन्य गणमान्य जनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह धरना सिर्फ स्थगित हुआ है। यदि 12 दिनों के भीतर लिखित आश्वासन पर अमल नहीं हुआ, तो अगला आंदोलन बेहद उग्र होगा और मृतक का 'बारहवां' कार्यक्रम फोरलेन हाईवे पर ही किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इनकी रही मौजूदगी
आंदोलन में राजेश भरावा, संजय चौहान, भगवतीलाल गेहलोत सहित कुमावत समाज और सर्व समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। फिलहाल दोपहर 1 बजे के बाद शव को स्टेशन रोड मुक्तिधाम ले जाया गया, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
Report By Harish Chauhan
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