सैलाना में सियासी हलचल: अध्यक्ष के खिलाफ याचिका लगाने वाले पूर्व नप अध्यक्ष पति, पार्षद समेत 3 नेता, 6 साल के लिए बाहर
सैलाना नगर परिषद विवाद में इंदौर उच्च न्यायालय द्वारा अध्यक्ष चेतन्य शुक्ला के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद, कांग्रेस ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है । जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के चलते पूर्व पार्षद जितेन्द्र सिंह राठौर, पार्षद सलोनी माण्डोत और प्रशांत माण्डोत को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है । संगठन ने यह कदम नेताओं द्वारा वरिष्ठ नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना और पार्टी की छवि धूमिल करने के कारण उठाया है ।
रतलाम/सैलाना@newsmpg। सैलाना नगर परिषद में पिछले कुछ समय से चल रहा विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। एक तरफ आपसी रस्साकसी में फंसे नगर परिषद अध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों के मामले में जहाँ उच्च न्यायालय ने राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ अब कांग्रेस संगठन ने अनुशासनहीनता के आरोप में अपने ही नेताओं पर बड़ी गाज गिराई है।
कोर्ट के फैसले के बाद दिए गए कारण बताओ सूचना पत्र के जवाब से असंतुष्ट होकर जिला कांग्रेस कमेटी ने सख्त रुख अपनाया है। जिला अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत ने पत्र जारी कर पूर्व नगर पालिका सैलाना की अध्यक्ष के पति और पूर्व पार्षद जितेन्द्र सिंह राठौर, वर्तमान पार्षद सलोनी माण्डोत और प्रशांत माण्डोत को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। तीनों का 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासन किया गया है। इसके पहले कोर्ट का निर्णय आने के बाद तीनों को कारण बताओ सूचना पत्र भी जारी किया गया था। इसके जवाब में कोई ठोस तर्क सामने नहीं आने के बाद जिलाध्यक्ष ने यह कार्रवाई की है।
अध्यक्ष के खिलाफ पहुंचे थे कोर्ट
इसके पहले नगर परिषद अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार समाप्त करने को लेकर पूर्व परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेन्द्र सिंह राठौर और पार्षद सलोनी प्रशांत माण्डोत द्वारा हाई कोर्ट, इंदौर में एक सिविल रिवीजन याचिका दायर की गई थी। गुरुवार शाम को आए फैसले में न्यायालय ने वर्तमान अध्यक्ष के वित्तीय निर्णयों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और अगली सुनवाई दो माह बाद तय की है।
निष्कासन पत्र के मुख्य बिंदु:
कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री गेहलोत ने पत्र में पार्टी विरोधी गतिविधियों एवं अनुशासन हीनता के कारण निष्कासन किया है। पत्र में कहा गया है कि इन नेताओं द्वारा लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा जा रहा है। वरिष्ठ नेतृत्व के निदेर्शों की अवहेलना करने के साथ संगठन की छवि धूमिल कर रहे हैं। यह गंभीर अनुशासनहीनता है। ऐसे में पार्टी का अनुशासन बरकरार रखने के लिए इन तीनों को तत्काल प्रभाव से 6 वर्षों के लिए कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है।
जिला अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत ने बताया कि इस निर्णय की प्रतिलिपि प्रदेश अध्यक्ष जितु पटवारी और जिला प्रभारी प्रताप ग्रेवाल को भी भेजी गई है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय संगठन के हित और अनुशासन बनाए रखने के लिए अनिवार्य था।