ज्ञापन देने पंहुचे विधायक, कलेक्टर का आधे घंटे तक सीढ़ियों पर बैठ किया इंतजार

रतलाम कलेक्ट्रेट में आलोट विधायक डॉ. चिंतामणी मालवीय किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे, लेकिन कलेक्टर के बाहर नहीं आने पर वे समर्थकों के साथ आधे घंटे तक सीढ़ियों पर बैठे रहे। जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते असमन्वय को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

ज्ञापन देने पंहुचे विधायक, कलेक्टर का आधे घंटे तक सीढ़ियों पर बैठ किया इंतजार
ratlam-collector-mla-chintamani-malviya-sit-on-steps-farmers-compensation-protest

- रतलाम में लगातार सामने आ रही प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच असमन्वय की स्थिति

- आलोट विधायक करीब आधे घंटे तक बैठे रहे किसानों के साथ जमीन पर 

रतलाम/आलोट@newsmpg। जिले में प्रशासनिक अधिकारियों और भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों के बीच टसल थमने का नाम नहीं ले रही है। कलेक्टर से मिलने के इंतजार में भाजपा के विधायक को भी आधे घंटे जमीन पर बैठना पड़ा जिसके बाद कलेक्टर ने आकर ज्ञापन लिया। 
वाकया शनिवार का है जहां आलोट विधायक डॉ. चिंतामणी मालवीय क्षेत्र की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने रतलाम कलेक्ट्रेट पंहुचे। विधायक ने ज्ञापन लेने के लिए कलेक्टर से आकर चर्चा की मांग की, लेकिन समर्थक नाराज हो गए। इसके बाद करीब आधे घंटे तक विधायक जमीन पर बैठे रहे। इसके बाद जाकर कलेक्टर बाहर आई, ज्ञापन लिया। जिले में इसके पहले कलेक्टर से नाराज होकर जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति ने भी कलेक्ट्रेट के बाहर बैठकर ही धरना दिया था। इसके बाद शनिवार को विधायक को ही आधे घंटे तक बाहर बैठना पड़ा। 

- ये भी पढ़ें- उज्जैन सिंहस्थ 2028 से पहले बदलेगा रतलाम: https://newsmpg.com/inghastha-2028-preparation-jaora-inspection-police-health-holding-area

किसानों की समस्या पर आए थे विधायक

आलोट विधायक डॉ. मालवीय के साथ आलोट क्षेत्र के किसान और जनप्रतिनिधि भी रतलाम कलेक्ट्रेट पंहुचे थे। ज्ञापन में बताया कि उज्जैन से जावरा तक एक्सेस कंट्रोल हाईवे बनाया जाना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन मुआवजे को लेकर कई शिकायतें हैं। ऐसे में किसान परेशान हैं, जिनकी समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित राशि का भुगतान होना चाहिए और उनकी अन्य दिक्कतों को भी नजर अंदाज किया जा रहा है जिसका जिला प्रशासन को ध्यान देकर निराकरण करना चाहिए। जब तक मुआवजा राशि नहीं मिलेगी, निर्माण नहीं होगा।

13 दिन में दो बार जनप्रतिनिधि बैठे जमीन पर

उल्लेखनीय है कि इसके 13 दिन पहले जिला पंचायत अध्यक्ष लाला बाई भी अपने पति शंभुलाल चंद्रवंशी के साथ कलेक्टर आॅफिस में धरने पर बैठ गईं थी। अध्यक्ष पति ने आरोप लगाया था कि दिनभर से कलेक्टर से मिलने के लिए उनके आॅफिस में बैठा रहे, लेकिन समय नहीं मिला। उस वक्त भी कलेक्टर ने अगले दिन जिला पंचायत अध्यक्ष से मुलाकात की थी जिसे लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा चली थी। परंतु अब विधायक के भी धरने पर बैठने के बाद ये चर्चा फिर तेज हो गई है। खास कर इसलिए क्योंकि दोनों जनप्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी से हैं और बड़े पदों पर हैं। 

- ये भी पढ़ें-  रतलाम से गुजरने वाली ट्रेनों में बड़ा बदलाव: https://newsmpg.com/ratlam-railway-news-2026-extra-coaches-9-trains-summer-special-trains