नई पाइपलाइन, पुरानी लापरवाही: अलकापुरी में भी गंदे पानी का खतरा मंडराया
रतलाम@newsmpg। पहले इंदौर, फिर रतलाम के कई कॉलोनियों, रावटी के ग्राम हरथल के बाद अब शहर की अलकापुरी कॉलोनी भी गंदे पानी की परेशानी से जूा रही है। स्थानीय जनता का कहना है कि नई पानी की पाइपलाइन डाली गई है, लेकिन कई हिस्सों में यह पूरी तरह से मौजूद नहीं है जिससे वहां पानी की सप्लाई बाधित है। दूसरी ओर महीनों पहले की गईं सीवरेज ओवरफ्लो होने की शिकायतों पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है,जिससे नई पाईप लाइन में भी गंदा पानी वितरित हो रहा है।
स्थानीय रहवासी नरेशचंद्र कुमावत ने नगर निगम को दिसंबर 2025 में शिकायत की थी। इसमें कहा था कि अलकापुरी के गणेश चौक, बी-40 से बी-60 तक के निवासी महीनों से पीने के पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। नागरिकों ने बताया कि नलों से आने वाला पानी बहुत ही गंदा, अशुद्ध और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक पानी वितरित हो रहा है। इतना कि 8-10 बाल्टी पानी बहाने के बाद ही थोड़ा सा साफ पानी मिलता है।
कुमावत ने फोटो और वीडियो के साथ की गई शिकायत में बताया था कि 45 वर्ष पुरानी हाउसिंग बोर्ड की सीवेज पाइपलाइन और चैंबर पूरी तरह सड़ चुके हैं, जिससे गंदा पानी पीने-पानी की लाइनों में मिला रहा है। कई भवन खाली पड़े होने के कारण उनके टंकियों का गंदा पानी आसपास की पाइप लाइनों में मिलकर आपूर्ति को दूषित कर रहा है।
ट्यूबवेल पर कब्जा, अधिकारी भी बेपरवाह
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेताओं और समर्थकों को ट्यूबवेल के जरिए मुफ्त पानी की सुविधा मिली है, जिसके लिए नगर निगम रतलाम बिजली खर्च चुका रहा है, जबकि अन्य नागरिकों को इस सुविधा से वंचित रखा जा रहा है। अधिकारियों को कई शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। नागरिकों की समस्या पर पूर्व पार्षद वंदना अनिल पुरोहित ने स्थानीय लोगों के साथ मप्र हाउसिंग बोर्ड के अभियंता और अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। नागरिकों का कहना है कि यह राजनीति नहीं बल्कि एक गंभीर मानवीय और स्वास्थ्य समस्या है जिसे अनदेखा किया जा रहा है।
इंदौर की घटना से सबक नहीं
नागरिकों ने आक्रोश जताया कि इंदौर शहर, जिसे लगातार भारत का सबसे साफ शहर कहा जाता है, वहाँ भी बारिश के मौसम में गंदे पानी और सीवरेज मिलने से खतरनाक संक्रमण का संकट पैदा हो गया है। यह मामला रतलाम के अलकापुरी की समस्या से विचारणीय रूप से जुड़ा है क्योंकि दोनों स्थानों पर जल आपूर्ति प्रणाली, सीवरेज नियंत्रण और नागरिक शिकायतों के अनदेखे दबाव के कारण स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य पर सीधा और गंभीर प्रभाव पड़ा है।
- गंदे पानी, फूटी लाईन की समस्या हमारे पास आई थी तो हमने अपने स्तर पर नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड, सीवरेज कम्पलेन सभी को सूचित कर प्रयास किया था। परंतु अंडरग्राउंड स्तर पर परेशानी है जिसे निगम भी गंभीरता से नहीं ले रहा है।
- वंदना अनिल पुरोहित, पूर्व पार्षद