मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव होंगे या टलेंगे ! 'कल डीपी धाकड़ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला'

मध्यप्रदेश में होने वाले पंचायती राज चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी। आरक्षण प्रक्रिया को लेकर लगाई गई याचिका पर देश का सर्वोच्च न्यायालय मंगलवार को सुनवाई करेगा।

मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव होंगे या टलेंगे !  'कल डीपी धाकड़ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला'


-कांग्रेस द्वारा निर्वाचन निरस्त करने की याचिका पर आज होगी सुनवाई 
भोपाल/रतलाम। मध्यप्रदेश में होने वाले पंचायती राज चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी। आरक्षण प्रक्रिया को लेकर लगाई गई याचिका पर देश का सर्वोच्च न्यायालय मंगलवार को सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ही तय करेगा कि मध्यप्रदेश में पंचायत राज चुनाव होंगे या टलेंगे, या फिर आरक्षण की कौन सी प्रणाली लागू रहेगी। 
                                                   सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव को लेकर दाखिल अर्जी के मामले में होने वाली सुनवाई सोमवार को फिर से टल गई। जस्टिस खानविलकर ने कहा कि मामले की सुनवाई मंगलवार को करेंगे। कांग्रेस की ओर से पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष और रतलाम जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ ने भी याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है कि सरकार ने 2019-20 में पंचायत चुनाव का आरक्षण निर्धारित कर दिया था। इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई थी। पंरतु एकाएक 21 नवंबर को जारी की गई नई अधिसूचना में पुरानी अधिसूचना को निरस्त किए बिना सरकार ने, आगामी पंचायत चुनाव को 2014 के आरक्षण रोस्टर के आधार पर कराने की घोषणा की है। ऐसे में निर्वाचन घोषित होते ही प्रदेश के कुछ नेताओं ने प्रक्रिया पर आपत्ति लेते हुए न्यायालय की शरण ली है। मुख्य याचिताकर्ताओं  में रतलाम के कांग्रेस नेता डीपी धाकड़ सहित 3-4 अन्य याचिताकर्ता भी शामिल हैं। 


कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा करेंगे पैरवी
याचिकाकर्ताओं की ओर से देश के ख्यात वकीलों में शामिल कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ेंगे। इसके पहले धाकड़ सहित अन्य द्वारा लगाई याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जहां आज यानी सोमवार को ही सुनवाई होनी थी। परंतु कोर्ट ने सुनवाई अब कल दोपहर 2 बजे करने का निर्णय लिया है। 


हाईकोर्ट ने नहीं रोके चुनाव, लेकिन सरकार को दिया नोटिस 
इसके पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर को डीपी धाकड़ सहित उन तमाम याचिकाओं पर सुनवाई की जिसमें मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट में याचिकाकतार्ओं की ओर से पक्ष रखने सीनियर वकील विवेक तन्खा ने पैरवी की थी। मामले में हाईकोर्ट में भी तन्खा ने लंबी बहस की, लेकिन हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि हाईकोर्ट ने याचिका पर सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब जरूर तलब किया है। सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के उस तर्क को कोर्ट ने मान लिया, जिसमे कहा गया था कि एक बार निर्वाचन अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव स्थगित नहीं किया जा सकता।