सीएम के गृह जिले में प्राचीन महादेव मंदिर सरकारी घोषित होने पर आक्रोश, दशनामी दत्त सेना ने दिया ज्ञापन

महिदपुर के ग्राम डोंगला स्थित अति प्राचीन श्री महादेव मंदिर की देवस्थान भूमि राजस्व रिकॉर्ड में गलती से 'शासकीय' दर्ज होने पर दशनामी दत्त सेना ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर त्रुटि सुधारने और पुजारियों के हकों की रक्षा की मांग की है।

सीएम के गृह जिले में प्राचीन महादेव मंदिर सरकारी घोषित होने पर आक्रोश, दशनामी दत्त सेना ने दिया ज्ञापन
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उज्जैन/महिदपुर  @newsmpg ।  सीएम के गृह जिले में प्राचीन महादेव मंदिर सरकारी घोषित होने पर आक्रोश फ़ैल रहा है । ग्राम डोंगला स्थित अति प्राचीन श्री महादेव मंदिर की देवस्थान भूमि को राजस्व अभिलेखों में गलती से शासकीय (सरकारी) मद में दर्ज कर दिए जाने के मामला है।
दशनामी दत्त सेना संगठन' जिला इकाई उज्जैन ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पहुँचकर अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा और राजस्व अभिलेखों में हुई इस त्रुटि को तत्काल सुधारने की पुरजोर मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, ग्राम डोंगला स्थित प्राचीन श्री महादेव मंदिर की कुल 12.90 हेक्टेयर देवस्थान भूमि है, जिसमें सर्वे क्रमांक 443 (रकबा 7.82 हेक्टेयर) प्रमुख है। वर्तमान पुजारी श्री बालू पुरी (पिता श्री भूवान पुरी) का परिवार विगत 4 पीढ़ियों से इस भूमि पर निस्वार्थ भाव से मंदिर की सेवा-पूजा और देखरेख करता आ रहा है। पुजारी परिवार का भरण-पोषण इसी भूमि पर आश्रित है।
आरोप है कि वर्ष 2026-27 के खसरे (राजस्व रिकॉर्ड) में त्रुटिवश इस भूमि को मंदिर के नाम से हटाकर शासकीय मद में दर्ज कर दिया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि मंदिर की प्राचीनता और पुजारी परिवार के अस्तित्व को देखते हुए यह भूमि मंदिर के नाम पर ही रहनी चाहिए। प्रशासन द्वारा इसे शासकीय भूमि घोषित करने से पुजारी परिवार के समक्ष जीविकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है और धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुँची है।

संगठन ने उठाई आवाज

संभाग मीडिया प्रभारी, अम्बाराम गिरी ने बताया यह ज्ञापन दशनामी दत्त सेना के जिला अध्यक्ष महंत तेजू पूरी (डोंगला) के नेतृत्व में सौंपा गया। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों में सुधार कर मंदिर की भूमि को पुनः उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए। इसके अलावा, संगठन ने महिदपुर तहसील क्षेत्र में मठ, मंदिर एवं भू-समाधि स्थलों की भूमियों पर हो रहे अतिक्रमण पर भी संज्ञान लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि दशनामी गोस्वामी सन्यासी समाज में मृत्यु उपरांत भू-समाधि देने की प्राचीन परंपरा है, लेकिन महिदपुर तहसील में समाधि स्थलों की भूमि लगभग समाप्त हो चुकी है। अतः समाज की परंपरा के निर्वहन हेतु शासकीय भूमि आरक्षित की जानी चाहिए।

इनकी रही मौजूदगी?

ज्ञापन सौंपने के दौरान दशनामी दत्त सेना के प्रदेश, संभागीय व जिला स्तर के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस दौरान संरक्षक श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी आनन्द गिरी जी महाराज (पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा) और संगठन प्रमुख ईश्वर गिरी गोस्वामी (नागावाड़ी) के मार्गदर्शन में यह ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश पुरी, उज्जैन संभाग अध्यक्ष प्रेम गिरी, जिला अध्यक्ष तेजू पूरी, तहसील अध्यक्ष बलराम पुरी, मंदिर पुजारी बालू पुरी, गोकुल पुरी, तेज पूरी, प्रभु पूरी, कैलाश पुरी, संजय पुरी, डॉ. देव पूरी, रमेश भारती सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।