बेटे के साथ सो रही थी मां, आंख खुली तो सामने था मगरमच्छ; ग्रामीणों ने रस्सी से बांधा

रतलाम जिले के बाजना में झोपड़ी में सो रही महिला के सामने आया मगरमच्छ। बिना घबराए बेटे को बचाया, ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर पाया काबू। पढ़ें पूरी खबर।

बेटे के साथ सो रही थी मां, आंख खुली तो सामने था मगरमच्छ; ग्रामीणों ने रस्सी से बांधा
रतलाम जिले की बाजना आंखें खोली तो सामने मगरमच्छ
  • बिना घबराए मां ने पहले बेटे को सुरक्षित निकाला, फिर खुद बचाई जान

  • पड़ोसियों ने दिखाई हिम्मत, रस्सियों से बांधकर मगरमच्छ को किया काबू

  • रात भर सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम

रतलाम/बाजना। रतलाम जिले की बाजना तहसील के नवागांव (कुंदनपुर) में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। झोपड़ी में अपने 7 साल के बेटे के साथ सो रही महिला की अचानक हल्की आहट से नींद खुली, तो सामने मगरमच्छ देखकर उसके होश उड़ गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 10 बजे झोपड़ी में सीताबाई पति स्व. केसु डोडियार अपने छोटे बेटे के साथ सो रही थीं। अचानक आहट होने पर जब उन्होंने आंखें खोली तो सामने मगरमच्छ मौजूद था। सीताबाई ने अदम्य साहस और समझदारी का परिचय देते हुए बिना कोई शोर मचाए पहले अपने 7 साल के बेटे को धीरे से उठाकर बाहर निकाला। अंधकार में मगरमच्छ धीरे-धीरे उनकी ओर बढ़ रहा था, लेकिन सीताबाई भी सतर्कता से किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आईं।

बाहर आते ही बच्चे की आवाज सुनकर पड़ोसी तुरंत दौड़कर पहुंचे। ग्रामीणों ने एकजुटता और हिम्मत दिखाते हुए रस्सियों की मदद से मगरमच्छ को सुरक्षित बांधकर काबू में कर लिया।

रात भर नहीं पहुंचा पुलिस या वन विभाग का अमला

ग्रामीणों का आरोप है कि रात में ही मगरमच्छ को काबू में करने के बाद इसकी सूचना तत्काल बाजना पुलिस और वन विभाग दोनों को दे दी गई थी। इसके बावजूद पूरी रात पुलिस का एक भी जवान मौके पर नहीं पहुंचा। सुबह उजाला होने के बाद पुलिस गांव पहुंची, लेकिन वन विभाग की टीम उसके घंटों बाद तक भी नहीं आई। अंततः सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग का अमला गांव पहुंचा और रस्सियों से बंधे मगरमच्छ को अपने वाहन में लादकर दूर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए ले गया। इस पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया में दोपहर से शाम हो गई।

तेलनी नदी से गांव में घुसने की आशंका

वन विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, गांव के पास से तेलनी नदी बहती है। आशंका जताई जा रही है कि कम बारिश के कारण भोजन की तलाश में यह मगरमच्छ नदी से निकलकर आबादी क्षेत्र तक आ पहुंचा। पकड़े गए मगरमच्छ की उम्र लगभग 2 वर्ष बताई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि पति के निधन के बाद सीताबाई अपने दो बेटों का पालन-पोषण कर रही हैं। घटना के समय उनका 12 वर्षीय बड़ा बेटा दोस्तों के साथ बाहर गया हुआ था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

एक्सक्लूसिव वीडियो:

मगरमच्छ के घर में घुसने से लेकर ग्रामीणों द्वारा रस्सी से काबू किए जाने तक का लाइव वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें। 

https://www.instagram.com/reel/DeOonEDTzVS/?stkn=OWZuOXh4am5kaDVo

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