रतलाम: पानी चोरी से नाराज किसानों की चेतावनी- "मोटरें नहीं रुकीं तो करेंगे जल सत्याग्रह"
कम बारिश और अल नीनो के असर के बीच रतलाम के डेरी त्रिवेणी जलाशय से पानी चोरी और नहरें बंद रखने से नाराज किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि रसूखदारों की अवैध मोटरें तुरंत नहीं रोकी गईं, तो वे बांध में उतरकर जल सत्याग्रह करेंगे।
डेरी त्रिवेणी जलाशय से पानी चोरी और नहरें बंद रखने पर फूटा किसानों का गुस्सा
रतलाम कलेक्ट्रेट पहुंचे आधा दर्जन गांवों के किसान, प्रशासन को दी चेतावनी
रतलाम: मानसून की विदाई के साथ ही रतलाम जिले में जल संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव के चलते इस साल पानी की किल्लत की आशंका अभी से सताने लगी है। इसी बीच, डेरी त्रिवेणी (कनेरी) जलाशय से हो रही कथित पानी की चोरी और सिंचाई के लिए नहरें बंद रखे जाने के विरोध में मंगलवार को करीब आधा दर्जन गांवों के किसान आक्रोशित होकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध मोटरें और पाइपलाइनें नहीं हटाई गईं, तो वे बांध के अंदर उतरकर जल सत्याग्रह करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
शासन द्वारा किसानों की सिंचाई के लिए बनाए गए डेरी त्रिवेणी जलाशय की नहरों को इस बार जिला प्रशासन ने बंद रखने का निर्णय लिया है। प्रशासन का तर्क है कि इस साल कम बारिश के कारण आने वाले महीनों में पेयजल संकट से निपटा जा सके, इसलिए जलाशयों से सिंचाई के लिए पानी देने पर रोक लगाई गई है। हालांकि नियमों में अस्पष्टता के कारण किसानों में पहले से ही असमंजस की स्थिति थी।
किसानों का आरोप: "रसूखदार कर रहे पानी चोरी, गरीब किसान परेशान"
विरोध प्रदर्शन में शामिल मुंदड़ी, धतूरिया, सरवनीजागीर, भाटीबड़ौदिया और कनेरी सहित कई गांवों के किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि:
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जलाशय के पास के रसूखदार और दबंग किसान धड़ल्ले से मोटरें और पाइप लगाकर शासकीय तालाब से पानी चोरी कर रहे हैं।
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इस पानी का उपयोग खेतों की सिंचाई, मवेशियों को पिलाने और अन्य निजी कामों में किया जा रहा है।
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दूसरी ओर, आम और गरीब किसानों को नहर बंद करके एक फसल की सिंचाई से भी वंचित किया जा रहा है, जिससे उनके सामने दोहरी मार पड़ रही है।
प्रशासन के खिलाफ बढ़ा आक्रोश
मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कलेक्ट्रेट पहुंचने के बावजूद उनकी समस्याओं और मांगों को किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने गंभीरता से नहीं सुना। किसानों ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत अवैध रूप से चल रही मोटरों पर कार्रवाई नहीं की और सभी किसानों के साथ न्याय नहीं हुआ, तो वे डेरी बांध में उतरकर जल सत्याग्रह करने के लिए मजबूर होंगे।
पोर्टल के लिए मुख्य हाइलाइट्स (Key Highlights):
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प्रभावित क्षेत्र: मुंदड़ी, धतूरिया, सरवनीजागीर, भाटीबड़ौदिया, कनेरी और आसपास के ग्रामीण इलाके।
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मुख्य मांग: डेरी त्रिवेणी जलाशय से हो रही पानी की अवैध चोरी तुरंत रोकी जाए और किसानों के लिए सिंचाई के उचित प्रबंध किए जाएं।
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आंदोलन की चेतावनी: प्रशासन द्वारा कार्रवाई न होने पर जल सत्याग्रह।