रतलाम में खौफनाक वारदात: जन्मदिन की पार्टी से उठे विवाद ने ली जान, ईंट भट्टे पर कत्ल कर कार की डिग्गी में रातभर घूमते रहे कातिल!

रतलाम के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। 5 नवंबर की रात जन्मदिन की पार्टी में हुए पुराने विवाद के बाद आरोपियों ने रितेश को शराब पिलाने के बहाने विरियाखेड़ी ईंट भट्टे पर ले जाकर चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद शव को काले रंग की वेन्यू कार की डिग्गी में रखकर पूरी रात शहर में घुमाया और झामण के सुनसान इलाके में फेंक दिया।

रतलाम में खौफनाक वारदात: जन्मदिन की पार्टी से उठे विवाद ने ली जान, ईंट भट्टे पर कत्ल कर कार की डिग्गी में रातभर घूमते रहे कातिल!
Ratlam murder mystery solved

रतलाम:@newsmpg! जिले के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में सामने आए एक अंधे कत्ल की गुत्थी को रतलाम पुलिस ने तकनीकी और मैदानी जांच के आधार पर 2 दिनों में सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है।

खुद 2 हत्या और हत्या के प्रयास के आरोपी की धारदार हथियारों से गोदकर की गई इस निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरभ वर्मा और तीन नाबालिगों (विधि विरुद्ध बालकों) को पकड़ लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है।

शुक्रवार रात मिला था अज्ञात शव 

एसपी अमित कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए जानकारी दी कि 6 नवंबर की शाम लगभग 05 बजे दीनदयाल नगर पुलिस को एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। मृतक की पहचान रितेश, निवासी दीनदयाल नगर (पिता शंभू माईङ्कार) के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

पार्टी के दौरान उपजा था विवाद

पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी उप निरीक्षक अनुराग यादव की टीम द्वारा की गई गहन तकनीकी जांच में यह बात सामने आई कि घटना से एक रात पहले यानी 5 नवंबर की रात को रितेश स्टेशन रोड इलाके में एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने गया था। इसी पार्टी के दौरान रितेश का सौरभ वर्मा, अमन बाबा, विकास मेघवाल उर्फ जग्गू, समीर लाला, सूजल जैन और अन्य युवकों के साथ किसी बात पर विवाद हो गया था।

शराब पिलाने के बहाने ले गए ईंट भट्टा

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि पार्टी खत्म होने के बाद वे रंजिश के चलते रितेश को शराब पिलाने के बहाने विरियाखेड़ी स्थित एक ईंट भट्टे पर लेकर पहुंचे। वहां पुराना विवाद एक बार फिर तूल पकड़ गया, जिसके बाद मुख्य आरोपी सौरभ वर्मा और एक नाबालिग ने मिलकर चाकू से रितेश के गले, पेट और पीठ पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

कार की डिग्गी में शव रखकर घूमते रहे आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सबूतों को मिटाने की एक खतरनाक साजिश रची। फरार आरोपी विपिन द्वारा लाई गई एक काले रंग की वेन्यू कार की डिग्गी में रितेश के शव को छिपाकर रख दिया गया और आरोपी पूरी रात उस शव को शहर के अलग-अलग हिस्सों में घुमाते रहे। अंत में, साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को झामण क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में ले जाकर फेंक दिया गया। पुलिस के मुताबिक, इस पूरी खौफनाक वारदात के पीछे पिछले महीने हुआ एक पुराना विवाद मुख्य वजह था, जिसे लेकर पहले से ही मामला दर्ज हो चुका था।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने और आरोपियों को शिकंजे में लेने में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सत्येंद्र घनघोरिया, थाना प्रभारी उप निरीक्षक अनुराग यादव, उप निरीक्षक राजेंद्र चौहान, सहायक उप निरीक्षक बसीलं गनावा, प्रधान आरक्षक सुरेंद्र, आरक्षक संदीप कुमावत, दीपक सिंह और राजू गरवाल की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों की तलाश में जुटी हुई है।