वर्ल्ड नंबर-1 के बाद रतलाम के सरकारी स्कूल ने रचा फिर इतिहास, 'टीचर डेवलपमेंट' में देश में पाया पहला स्थान
मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित शासकीय सांदीपनि विद्यालय विनोबा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया है। 2024 में विश्व का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बनने के बाद, अब इस स्कूल ने फिक्की (FICCI) समर्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय 'अराइज अवॉर्ड' जीता है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।
Bhopal । मध्य प्रदेश का सांदीपनि विद्यालय विनोबा (रतलाम) राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर शासकीय शिक्षा व्यवस्था का नया चेहरा बन चुका है। 2024 में विश्व के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय का पुरस्कार जीतने के बाद, अब इस विद्यालय ने देश के सबसे प्रतिष्ठित फिक्की समर्थित राष्ट्रीय अराइज अवॉर्ड पर कब्जा जमाकर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।
नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित अराइज लर्निंग फेस्टिवल 2026 के दौरान यह पुरस्कार संस्था के उप प्राचार्य व राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर को प्रदान किया गया। उन्हें यह सम्मान फिक्की के सीनियर डायरेक्टर डॉ. राजेश पंकज, अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविद पैट्रिक दरहम व निकोले बेंचार्ड, तथा अराइज के अध्यक्ष डॉ. अरुणभ सिंह द्वारा ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र देकर दिया गया।
3 कठिन चरण और 'ग्रैंड जूरी' के समक्ष प्रस्तुति
यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इसमें देशभर के 700 से अधिक प्रतिष्ठित प्राइवेट और शासकीय विद्यालयों ने भाग लिया था। प्रथम चरण: संस्था में शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास के मॉडल, क्रियान्वयन और उनके व्यावहारिक परिणामों का बारीकी से आकलन किया गया। द्वितीय चरण: गहन दस्तावेजीकरण और साक्ष्यों की प्रस्तुति की गई। तृतीय (ग्रैंड जूरी) चरण: 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में अंतिम 63 शॉर्टलिस्टेड विद्यालयों के बीच प्रस्तुतीकरण और प्रश्नोत्तर सत्र हुआ। इसमें उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने विद्यालय द्वारा विकसित 'साइकिल आॅफ ग्रोथ' और 'टीचर प्रोफेशनल डेवलपमेंट मॉडल' को इतने प्रभावशाली ढंग से रखा कि जूरी ने इसे देश में सर्वश्रेष्ठ आंका।
नवाचार का वैश्विक रोल मॉडल बना विनोबा रतलाम
उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि विद्यालय का मुख्य ध्येय एक ऐसा शैक्षिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जहाँ शिक्षक न केवल नई पीढ़ी के अनुरूप लगातार सीखें, बल्कि बदलाव के वाहक भी बनें। विद्यालय में 'साइकिल आॅफ ग्रोथ' के साथ-साथ 'द जेन सा मॉडल', 'ब्रूडिंग इफेक्ट', और 'शिक्षा एकीकरण मॉडल' जैसे अत्याधुनिक नवाचारों पर कार्य किया जा रहा है। अब विद्यालय शिक्षण प्रक्रिया में स्व-गति आधारित अक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स के एकीकरण के अगले चरण पर तेजी से काम कर रहा है।
उपलब्धियों की स्वर्णिम श्रृंखला
संस्था की प्राचार्य संध्या वोरा ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह मॉडल शिक्षकों की सीखने की प्रक्रिया और विद्यार्थियों पर उसके व्यापक असर को रेखांकित करता है। उल्लेखनीय है कि रतलाम के इस स्कूल की सफलता का ग्राफ अभूतपूर्व रहा है। 2024 में विश्व का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय: वैश्विक स्तर पर नवाचार श्रेणी में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीता। राज्य व राष्ट्रीय पहचान: दक्ष विद्यालय, राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा मेडल, करड सर्टिफिकेट और प्रदेश में 'लाइट हाउस' स्कूल का प्रतिष्ठित दर्जा। शिक्षकों के लिए प्रेरणा केंद्र: अब तक मध्य प्रदेश के 45 से अधिक विद्यालयों के 100 से ज्यादा शिक्षक एवं प्राचार्य यहाँ की शिक्षण प्रक्रियाओं और नवाचारों को समझने रतलाम आ चुके हैं।
जिले भर में जश्न का माहौल
इस अभूतपूर्व राष्ट्रीय उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी, योजना अधिकारी जितेंद्र जोशी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय मीणा, उपाध्यक्ष कमल पाटीदार सहित पूरी 'टीम विनोबा' के शिक्षकों, सहयोगियों और सपोर्ट स्टाफ को जिले भर से बधाइयाँ मिल रही हैं। यह पुरस्कार साबित करता है कि संकल्प और नवाचार के दम पर सरकारी स्कूल भी दुनिया में अपनी श्रेष्ठता की धाक जमा सकते हैं।