नगर सरकार का शपथ ग्रहण : प्रभारी मंत्री आए न रतलाम के सांसद, ग्रामीण विधायक का नाम लिखा आमंत्रण पत्र पर लेकिन नही दी सूचना

नगर सरकार का शपथ ग्रहण : प्रभारी मंत्री आए न रतलाम के सांसद, ग्रामीण विधायक का नाम लिखा आमंत्रण पर लेकिन नही दी सूचना

नगर सरकार का शपथ ग्रहण : प्रभारी मंत्री आए न रतलाम के सांसद, ग्रामीण विधायक का नाम लिखा आमंत्रण पत्र पर लेकिन नही दी सूचना
nigam oath ceremony


रतलाम। नवनिर्वाचित नगर सरकार के मुखिया प्रहलाद पटेल एवं भाजपा पार्षदो का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को बरबड़ सभागृह में हुआ। समारोह में रतलाम के प्रभारीमंत्री शामिल हुए न ही सांसद ।
 अव्यवस्थाओ के आलम में मंदसौर -जावरा के सांसद सुधीर गुप्ता , शहर विधायक चैतन्य काश्यप, जावरा विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय की उपस्थिति में कलेक्टर नरेन्द्र सुर्यवंशी ने महापौर एवं पार्षदो को शपथ दिलाई । कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्थाओं के चलते पूरे कार्यक्रम के दौरान अफरातफरी का माहौल रहा। इसी गहमागहमी के बीच नवनिर्वाचित महापौर प्रहलाद पटेल का शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हो गया। वहीं, पार्षदों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे समर्थकों ने भी व्यवस्थाओं को लेकर हंगामा किया। कार्यक्रम के बाद भोजन रखा गया था , उसमें भी जमकर अव्यवस्था का आलम रहा।


                                                                                 शपथ ग्रहण समारोह में प्रारंभ से ही अव्यवस्था शुरू हो गई थी। मंच के सामने कार्यकर्ताओ की भारी भीड़ जमा हो गई जिससे पीछे कुर्सियो पर बैठे लोग शोर करने लगे। मंच पर अतिथियों के अलावा भाजपा के निर्वाचित पार्षदो के बैठने की व्यवस्था थी। वहां भी नेताओ की भीड़ जमा हो गई । जिससे मंच पर भी पूरे समय अव्यवस्थाए सामने आती रही ।


नाम तो लिखा लेकिन विधायक को नहीं दी सूचना

शपथ ग्रहण समारोह के लिए बांटे गए आमंत्रण पत्र में जिले के प्रभारीमंत्री ओपीएस भदौरिया , रतलाम -झाबुआ सांसद गुमानसिंह डामोर, मंदसौर -जावरा सांसद सुधीर गुप्ता , उज्जैन-आलोट क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया , शहर विधायक चैतन्य काश्यप , जावरा विधायक  डॉ राजेन्द्र पाण्डेय, ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना,जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, पूर्व गृहमंत्री  हिम्मत कोठारी , निवृतमान महापौर डॉ सुनिता यार्दे का नाम अतिथि के रूप में नाम दर्ज था। इनमें से प्रभारीमंत्री भदौरिया, सांसद गुमानसिंह डामोर , उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया , ग्रामीण विधायक मकवाना सहित कई अन्य अतिथि कार्यक्रम में आए ही नहीं।  पार्टी के कुछ पदाधिकारियों ने चर्चा की तो पता चला कि प्रभारी मंत्री और ग्रामीण विधायक को तो कार्यक्रम की सूचना ही नहीं मिली। उनसे बात किए बिना ही अतिथि के रूप में उनके नाम अंकित कर दिए गए।

मंच पर रही अव्यवस्थाएं, पूर्व मंत्री ने छोड़ा कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान मंच पर बड़ी संख्या में लोग ऊपर चढ़ते-उतरते रहे, लेकिन उन्हें रोकने के बजाय मंच पर मौजूद कुछ तथाकथित नेता मीडियाकर्मियों से उलझते रहे। मंच पर शपथ लेने के लिए हर बार की तरह न होकर, 5-5 की संख्या में पार्षदों को बुलाया जिससे कार्यक्रम बहुत अधिक लंबा हो गया। शपथ ग्रहण भी एक ओर करवाई गई जिससे हॉल में मौजूद लोग भी पार्षदों को नहीं देख पाए। इसे लेकर पूर्व गृह मंत्री ने निगम आयुक्त को पार्षदों को बीच में शपथ दिलवाने के लिए कहा, लेकिन उनकी बात भी अमल नहीं हुआ। इसके कुछ ही मिनटों बाद श्री कोठारी भी वहां से चले गए।