बीएसी–जनशिक्षक नियुक्ति में देरी, के खिलाफ शिक्षक संघ मुखर, 27 जनवरी तक आदेश नहीं तो आंदोलन
रतलाम में बीएसी और जनशिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में आठ माह से हो रही देरी व कथित अनियमितताओं के विरोध में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने 28 जनवरी से जिला शिक्षा केन्द्र के सामने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
रतलाम। जिले में बीएसी (ब्लॉक अकादमिक समन्वयक) और जनशिक्षक (सीएसी) पदों की नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी और कथित अनियमितताओं के विरोध में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ के संभाग अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला और जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गोंड़ के नेतृत्व में गुरुवार को गुलाब चक्कर उद्यान में बैठक आयोजित की गई। इसमें आठ माह से लंबित काउंसलिंग प्रक्रिया सहित शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 27 जनवरी तक बीएसी व जनशिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए, तो 28 जनवरी से जिला शिक्षा केन्द्र के सामने धरना-प्रदर्शन प्रारंभ किया जाएगा। संघ ने बताया कि बीएसी व जनशिक्षकों की काउंसलिंग हेतु 27 मई 2025 को विज्ञप्ति जारी की गई थी। 1 जून से 16 जून तक आवेदन लिए गए, 18 जून तक परीक्षण हुआ और अंतरिम सूची जारी की गई। इसके बाद आपत्तियों का निराकरण भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद काउंसलिंग प्रक्रिया बार-बार टाली जाती रही।
कथित सेंटिंग के आरोप
संघ का आरोप है कि तत्कालीन अधिकारियों की कथित सेटिंग के कारण प्रक्रिया में जानबूझकर विलंब किया गया। अंतत: 15 दिसंबर 2025 को काउंसलिंग आयोजित हो सकी। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जिले में नए कलेक्टर मिशा सिंह और सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन की पदस्थापना नहीं होती तो काउंसलिंग का आयोजन भी संभव नहीं हो पाता। परंतु रतलाम और जावरा विकासखंड में बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोआॅर्डिनेटर) के पद पिछले आठ माह से रिक्त हैं। रतलाम विकासखंड में आवेदन आमंत्रित किए गए थे और सात अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, लेकिन जांच के बाद फाइलें कहां लंबित हैं।
नियमों की अनदेखी का आरोप
संघ ने जिला शिक्षा केन्द्र रतलाम में कार्यरत एपीसी एवं प्रभारी बीआरसी विवेक नागर की प्रतिनियुक्ति को नियमविरुद्ध बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग की है। संघ का आरोप है कि संबंधित अधिकारी पूर्व में न्यायिक अभिरक्षा में रहने के कारण निलंबित किए गए थे, इसके बावजूद कथित सांठगांठ से उन्हें दो-दो पदों पर कार्यभार सौंपा गया, जो शासन नियमों के विरुद्ध है। संघ नेताओं ने कहा कि शासन के स्पष्ट नियम हैं कि 48 घंटे से अधिक न्यायिक अभिरक्षा की स्थिति में प्रतिनियुक्ति समाप्त की जाती है, लेकिन इस मामले में नियमों की अनदेखी की गई।
अधिकारियों को हटाने की मांग
संघ ने यह भी मांग रखी कि जिन बीएसी और जनशिक्षकों का निर्धारित चार वर्ष का कार्यकाल (कहीं-कहीं सात वर्ष) पूर्ण हो चुका है, उन्हें तत्काल मूल विभाग में भेजा जाए। आरोप है कि ऐसे अधिकारी अवैधानिक रूप से अर्जित अवकाश और लाभ ले रहे हैं। संभाग अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला ने कहा कि यदि नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए जा सकते तो यह स्पष्ट आदेश जारी किया जाए कि वर्तमान पदस्थ लोग जीवनपर्यंत इन्हीं पदों पर रहेंगे। जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गोंड़ ने कहा कि जेल जा चुका निलंबित व्यक्ति दो-दो पदों पर कार्यरत है, यह कानून के राज का मजाक है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि रतलाम जिले में लगभग आठ माह से लंबित बीएसी एवं जनशिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण कर तत्काल नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं। साथ ही रतलाम व जावरा विकासखंड में पिछले आठ माह से रिक्त बीआरसी पदों पर शीघ्र चयन कर नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं अथवा वरिष्ठ बीएसी को प्रभार सौंपा जाए। संघ ने आरोप लगाया कि वर्तमान में जिला शिक्षा केन्द्र रतलाम में नियमविरुद्ध रूप से कार्यरत एपीसी व प्रभारी बीआरसी विवेक नागर की प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त कर उन्हें मूल विभाग में भेजा जाए, क्योंकि शासन नियमों के बावजूद उन्हें दो-दो पदों पर बनाए रखा गया है। इसके अलावा जिन बीएसी व जनशिक्षकों का शासन द्वारा निर्धारित चार वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है, उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर मूल विभाग में भेजने तथा अवैधानिक रूप से दिए जा रहे लाभों पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।
प्रकाश शुक्ला (संभाग अध्यक्ष), सुनील कुमार गोंड़, (जिलाध्यक्ष रतलाम), आनंद चावला (ब्लाक अध्यक्ष आलोट), राजेश स्वर्णकार (जिला सचिव), हरिराम जाटवा (जिला उपाध्यक्ष) सावन पारगी ( जिला सह कोषाध्यक्ष), राजेश जोशी अग्निहोत्री, धर्मेंद्र शर्मा, ज्ञानचंद मेहता, रमेश उपाध्याय ( जिला उपाध्यक्ष), रमेश चंद्र पाटीदार, महेश कुमार शर्मा, दिनेश पांचाल ताल, वीरेन्द्र सिंह, महेंद्र सिंह डोडिया, महेंद्र कुमार बड़ोदिया, धर्मेंद्र सिंह राठौर, धर्मेंद्र गुप्ता, सूरजमल परमार, सुरेश कुमार गायरी, विनोद पाँचाल, गोविंद पाटीदार, सारिका व्यास आदि मौजूद थे