सालों से उफनती नदी रोक रही रास्ता, इसलिए ग्रामीण नहीं करेंगे मतदान

सालों से उफनती नदी रोक रही रास्ता, इसलिए ग्रामीण नहीं करेंगे मतदान, -मुख्यमंत्री को करवाया अवगत, कहा सालों से नहीं बनी है पुलिया 

सालों से उफनती नदी रोक रही रास्ता, इसलिए ग्रामीण नहीं करेंगे मतदान

-मुख्यमंत्री को करवाया अवगत, कहा सालों से नहीं बनी है पुलिया 

रतलाम। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नामांकन दाखिल करने के पहले ही दिन, उपेक्षा से नाराज़ एक गांव से मतदान से दूरी रखने की खबर आई है। गांव है पिपलौदा विकासखंड का नांदलेटा।

यहां के वार्ड 19, 20 कालबेलिया बस्ती के लोगों ने सोमवार को सीईओ जनपद पंचायत और तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर भी मतदान का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। नांदलेटा गांव के बीचों बीच में मलेनी नदी बहती है। जो नदी जीवनदायिनी है, वहीं जब राह के बीच में आ जाए तो जीवन मुश्किल बना देती है। नदी के एक ओर बाकी पूरा गांव बसा है जहां से सैलाना और मचून से जुड़ा हुआ है, दूसरी ओर कालेबिया बस्ती है। जगदीशनाथ, कारूनाथ आदि ने बताया कि कालबेलिया बस्ती में करीब 350-400 लोग रहते हैं, जिनका आना-जाना नदी से होकर होता है। हर साल बारिश में ये लोग बाकी दुनिया से लगभग कट जाते हैं। पानी ऊफान पर होने पर बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

नदी पर पुलिया बनवाने की मांग सालों से की जा रही है, लेकिन इसपर आज तक अमल नहीं हुआ। ऐसे में ज्ञापन में बस्ती के रहवासियों ने कहा कि वे पुलिया नहीं बनने तक मतदान का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई हो, बीमार या गर्भवती को अस्पताल तक ले जाना, बाजार या जरूरी काम से आना-जाना सभी के लिए उन्हें या तो ऊफनती नदी पार करने का जोखिम उठाना पड़ता है, या तो घरों में कैद रहना पड़ता है। उनकी मांग किसी के द्वारा सुनी भी नहीं जा रही। ऐेसे में सभी पार्टी से दूरी बनाकर लोगों ने मतदान का ही बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। न तो पंच, न सरपंच, न जनपद या जिला पंचायत के किसी भी सदस्य के निर्वाचन में मत डालेंगे। यानी ग्रामीण पूरी तरह से मतदान का बहिष्कार करेंगे। 

कल स्थल पर जाएंगे इंजीनियर...
ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर मतदान बहिष्कार करने का ऐलान किया है। हमनें इसकी सूचना एसडीएम और वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी है। हमारे इंजीनियर कल गांव जाकर स्थल का पुन: निरीक्षण करेंगे। इसके पूर्व भी निरीक्षण किया गया था, लेकिन पुलिया की अनुमानित लागत है, वह अधिक होने से पूर्व में भी जनपद स्तर पर इसका निर्माण नहीं हो सका। आगे वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम किया जाएगा। 
-अल्फिया खान, सीईओ जनपद पंचायत पिपलौदा।